चिदम्बरम ने गुरुवार को इस मामले में अधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सरकार दो सम्प्रदायों के बीच वैमन्स्य फैलाने वाली किसी भी कार्रवाई का विरोध करती है। चिदंबरम ने कहा कि इस धमकी का मकसद धार्मिक समुदायों के बीच कडवाहट और टकराव बढाना है। विभिन्न तबकों के बीच सौहार्द और शांति बनाए रखने का पक्षधर कोई भी व्यक्ति इस धमकी का समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमरीका सरकार इस धमकी पर अमल करने से रोकने के लिए कडी कार्रवाई करेगी।
संयम बरते मीडिया
चिदंबरम ने कहा है कि इस मामले से जुडी खबरों पर मीडिया सयंम से काम ले ताकि शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखा जा सके। हम मीडिया से अपील करते हैं कि वह अमेरिकी पादरी के निराशाजनक इस कदम को कवरेज देने से परहेज करे। उन्होंने यह अपील मुख्य रूप से प्रिंट और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया से की।
ईरान की अमेरिका को चेतावनी
वहीं ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला ने अमेरिकी प्रशासन से पादरी को गिरफ्तारी की मांग की। आधे अरब मुसलमानों की ओर से मैं इस कुत्सित योजना की निंदा करता हूं और इसके परिणामों की चेतावनी देता हूं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस कार्य को अंजाम दिया गया तो मुस्लिम