| | दूसरे हफ्ते मजबूत हुई खाद्य मुद्रास्फीति | | | |
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नई दिल्ली।मानसून के दौरान मालों की आपूर्ति बाधित होने से कीमतों में हुई वृद्धि से गत 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति 0.61 प्रश बढकर 11.47 फीसदी पर पहुंच गई। आज जारी आधिकारी जानकारी के अनुसार इससे पिछले सप्ताह में यह 10.86 प्रतिशत पर रही थी। आलोच्य अवधि में खाद्य पदार्थों के सूचकांक में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इस समूह में शामिल मछली की कीमतों में 19 प्रतिशत की भारी उछाल हुई। बाजरे की कीमत भी एक प्रतिशत बढ गई। हालांकि इस समूह में शामिल मूंग की कीमत दो प्रतिशत उडद,अरहर, फल एवं सब्जियों तथा काफी की कीमतों में एक एक प्रतिशत की गिरावट रही। कच्चे रबड की कीमत में 10 प्रतिशत, कच्चे जूट में छह प्रतिशत, कच्चे सिल्क चार प्रतिशत सरसों और नारियल की कीमतों में एक एक प्रतिशत की कमी आने से आलोच्य अवधि में गैर खाद्य पदार्थों के समूह के सूचकांक में 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बिनौला मूंगफली और तंबाकू की कीमतों में एक एक प्रतिशत की तेजी रही है। प्राथमिक वस्तुओं के समूह का सूचकांक 0.5 प्रतिशत बढ गया, जबकि ईधन, पावर, लाइट और ल्यूब्रिकेंट्स समूह का सूचकांक पिछले सप्ताह के 12.71 प्रतिशत के स्तर पर टिका रहा। यह लगातार दूसरा सप्ताह रहा जब खाद्य मुद्रास्फीति में उछाल दर्ज किया गया। एक सप्ताह पहले यह 10. 86 प्रतिशत पर थी और उससे भी पहले सप्ताह 10. 05 प्रतिशत रही थी।
17 जुलाई को इकाई अंक में आई थी
खाद्य मुद्रास्फीति का आंकडा वर्ष के दौरान ज्यादातर समय द्विअंकीय बना रहा। गत 17 जुलाई को पहली बार यह दहाई अंक से उतरकर इकाई अंक में आया था लेकिन उसके एक सप्ताह बाद ही फिर से दहाई अंक में पहुंच गया। पिछले दो सप्ताह से इसमें लगातार मजबूती का रुख बना है। |
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