| | कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा दें नियोक्ता | | | |
|  | | | |
| | |
नई दिल्ली। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने आज सुझाव दिया कि संगठित क्षेत्र में नियोक्ताओं द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए बीमा कवर अनिवार्य किए जाने से बीमा उत्पादों की पहुंच बढाने में मदद मिलेगी। सीआईआई स्वास्थ्य बीमा शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा , संगठित क्षेत्र में नियोक्ताओं द्वारा अपने सभी कर्मचारियों को समूह स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराना अनिवार्य करना होगा। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि यह व्यावहारिक है और सरकार को इस बारे में नियोक्ताओं द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए समूह बीमा करवाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। आहलूवालिया ने कहा कि स्वास्थ्य प्रोत्साहन सह बाध्यता से लागू नहीं होने तक हम ऐसे स्वास्थ्य बीमा का प्रसार नहीं कर सकेंगे जहां लोग भुगतान करें।
अगर हम इसे लोगों पर छोड देंगे तो केवल धनी लोग ही खरीदेंगे। यहां तक की मध्यम वर्ग भी इसे नहीं खरीदेगी। औद्योगिक अनुमानों के अनुसार भारत का निजी स्वास्थ्य बीमा उद्योग का कारोबार पिछले कुछ वर्षों में 35 प्रतिशत से अधिक बढा है पर अब भी जनसंख्या का 85 प्रतिशत हिस्सा बीमा सुविधा से वंचित है। आहलूवालिया ने सुझाव दिया कि नियोक्ताओं द्वारा कर्मचरियों के लिए चुकाए जाने वाले स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम योगदान के एक हिस्से को छूट देना भी एक विकल्प हो सकता है। |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
| |