| | प्रफुल्ल सबसे अमीर तो ममता सबसे गरीब मंत्री! | | | |
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नई दिल्ली । सूचना के अधिकार कानून के तहत मांगी गई जानकारी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने आखिरकार केंद्रीय मंत्रियों की संपत्ति का खुलासा कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक पीएमओ ने केंद्रीय मंत्रियों की संपत्ति का खुलासा करते हुए इससे जुडी सारी सूचनाएं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल को मुहैया करवाई हैं।
अग्रवाल ने सूचना के अधिकार कानून के तहत मंत्रियों की संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी थी। आरटीआई की जानकारी के मुताबिक नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल यूपीए सरकार के सबसे धनी कैबिनेट मंत्री हैं। उनकी संपत्ति 33 करोड रुपए आंकी गई है। जबकि रेल मंत्री ममता बनर्जी सबसे गरीब कैबिनेट मंत्री है। ममता की संपत्ति केवल 6.7 लाख रुपए बताई गई है, जिसमें 10 ग्राम सोना भी शामिल हैं। वहीं रोजाना करोडों के कारोबार के वाणिज्य मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले आनंद शर्मा ने अपनी संपत्ति 26.741 लाख बताई है।
कैबिनेट मंत्रियों को छोडकर अन्य मंत्रियों में मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल और ज्योतिरादित्य सिंधिया सबसे अमीर हैं , दोनों की संपति 20 करोड बताई गई है, जबकि इसमें उनकी पत्नियों की संपत्ति शामिल नहीं है। संसद से गायब रहने वाले रसायन मंत्री एमके अलागिरी की संपत्ति 9 करोड और कृषि मंत्री शरद पवार ने अपनी संपत्ति 3.9 करोड बताई है। घोटालों के आरोपों में घिरे दूर संचार मंत्री ए.राजा ने अपनी कुल संपत्ति 73.9 लाख रुपए बताई है। उल्लेखनीय है कि आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल कई दिनों से सूचना के अधिकार कानून के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय से सभी कैबिनेट मंत्रियों और अन्य मंत्रियों की संपत्ति के बारे मे जानकारी मांग रहे थे। इसके लिए उन्होंने पहली बार जनवरी 2009 मे याचिका दाखिल की थी, लेकिन पीएमओ की ओर से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला था। अग्रवाल ने इस बात की शिकायत मुख्य सूचना आयुक्त से भी की थी थी। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद पीएमओ ने अग्रवाल की याचिका के जवाब में 77 मंत्रियों की संपत्ति की सूची जारी कर पहली बार मंत्रियों की संपत्ति के बारे मे जानकारी सार्वजनिक की है। |
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