| | अर्जुन मुंडा की ताजपोशी से अडवाणी खफा | | | |
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नई दिल्ली /रांची। झारखंड में अर्जुन मुंडा की ताजपोशी को लेकर भाजपा में तलवारें खिंच गई हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और यशवंत सिन्हा पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी से खासे नाराज हैं। माना जा रहा है कि वे शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं होंगे।
सूत्रों से मिली जानाकारी के मुताबिक , जिस तरह पार्टी प्रेजिडेंट नितिन गडकरी ने झारखंड में सरकार बनाने के निर्णय से आडवाणी को दूर रखा, उससे पार्टी में साफ संदेश गया कि अब पार्टी के अहम निर्णय में अब आडवाणी को महत्व नहीं दिया जाएगा। अर्जुन मुंडा के शपथ समारोह में खास तौर पर शामिल होने के लिए पार्टी प्रेजिडेंट बीती रात अपने रूस दौर से लौट आए हैं। मुंडे 11 सितंबर को शपथ लेने वाले हैं। आडवाणी लॉबी के सुषमा स्वराज और अरूण जेटली को भी यह फैसला रास नहीं आ रहा है और माना जा रहा है। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक आडवाणी झारखंड मे जेएमएम के साथ गठबंधन को लेकर नाराज हैं ।
आडवाणी चाहते थे कि अगर जेएमएम से दुबारा कोई गठबंधन होता है तो यशवंत सिन्हा को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। लेकिन गडकरी ने आडवाणी की खहिशों को दरकिनार करके अपने विश्वासपात्र अर्जुन मुंडा को सीएम पद दे दिया। वहीं , संघ के वरिष्ठ अधिकारियों का तर्क झारखंड में चर्च के विस्तार पर अंकुश लगाने को लेकर है। उनका कहना है कि धर्मांतरण को रोकने के लिए शिबू सोरेन को समर्थन देना संघ के दीर्घकालीन उद्देश्य को पूरा करने में फायदेमंद है।
आडवाणी नजरअंदाज
नितिन गडकरी ने आडवाणी की अध्यक्षता वाले पार्लियामेंट बोर्ड से कोई सलाह -मशविरा किए बिना जेएमएम के साथ सरकार बनाने का फैसला किया था। गडकरी पर इस निर्णय को लेने के पीछे संघ परिवार की लॉबी का दबाव माना जा रहा है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह की लॉबी भी गडकरी के फैसले के समर्थन मे दिख रही है। वहीं, एक निजी चैनल की खबरों के अनुसार गडकरी के इस फैसले से आडवाणी खासे नाराज हैं। |
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