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साइकिलिस्टों को फायदा मिलेगाः कोच
- नई दिल्ली। नई साइकिलों के अभाव में राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय साइकिलिस्टों की तैयारियां भले ही प्रभावित हो रही हों, लेकिन इस टीम से जुडे कोचों का कहना है कि पुरानी साइकिलों से अभ्यास करने का फायदा इन खिलाडियों को मिलेगा। भारतीय साइकिलिस्ट फिलहाल खुद के खर्चे से खरीदी गईं पुरानी साइकिलों से ही अभ्यास कर रहे हैं और उम्मीद है कि उन्हें नई साइकिलों सहित अन्य उपकरण 20 सितंबर तक ही मुहैया होंगे। टीम के आस्ट्रेलियाई कोच ग्राहम सीर्स ने उपकरण आने में हो रही देरी को फायदेमंद करार देते हुए कहा कि देर होना कोई व्यवधान नहीं है बल्कि इससे हमें मदद मिलेगी।
इराकी तीरंदाजों के लिए भारतीय कोच
- कोलकाता। भारतीय कोच लोकेश चंद को इराकी तीरंदाजी महासंघ ने सीनियर टीम का कोच नियुक्त किया है। भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के महासचिव परेश नाथ मुखर्जी ने प्रेट्र को बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तीरंदाजी कोचों के पैनल में शामिल लोकेश इराक में इस ओलंपिक खेल का विकास करने के लिए सीनियर टीम के साथ जुडेंगे। मुखर्जी ने कहा कि (इराकी) टीम फिलहाल सीरिया में तैयारी कर रही है। यह काफी अच्छी खबर है कि इराक में खेल के विकास के लिए भारतीय कोच की सेवाएं ली जा रही हैं। यह भारतीय तीरंदाजी की ऊचे स्तर को दर्शाती है।
डेंगू से कोई खतरा नहीं : हूपर
- नई दिल्ली। दिल्ली में फैले डेंगू के कारण राष्ट्रमंडल खेलों में विदेशी खिलाडियों की भागीदारी को खतरे में बताने की रपटों को खारिज करते हुए सीजीएफ के सीईओ माइक हूपर ने शुक्रवार को कहा कि बचाव के पूरे उपाय किए जा रहे हैं और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली में अब तक डेंगू के करीब 1600 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। भारतीय साइकिलिंग टीम के पांच सदस्यों को भी डेंगू होने की पुष्टि हो चुकी है। हूपर ने कहा कि भारत को जब 2003 में इन खेलों की मेजबानी मिली थी , तभी यह सभी को पता था कि मानसून के दौरान एशिया में डेंगू का प्रकोप रहता है। यह बात और है कि इस बार अधिक मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर चिंता है, लेकिन कोई घबराहट नहीं। उन्होंने कहा कि सीजीएफ अध्यक्ष माइक फेनेल ने खुद कहा है कि डेंगू चिंता का विषय है, लेकिन बचाव के सारे उपाय किए जा रहे हैं। |
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