| | विजेंदर की अगुवाई में देश को काफी उम्मीदें | | | |
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नई दिल्ली। ओलंपिक कांस्य पदकधारी विजेंदर सिंह (75 किग्रा) के नेतृत्व में भारत के 10 सदस्यीय मुक्केबाजी दल से दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 2006 मेलबर्न खेलों से अधिक पदकों की उम्मीदें की जा रही हैं, जिसे पूरा करने के लिए सभी मुक्केबाज रिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य जीतकर भारत को पहला पदक दिलाने वाले 24 वर्षीय विजेंदर के अलावा सभी की निगाहें तालकटोरा स्टेडियम में इस खेल के धुरंधरों पर लगी होंगी, जिनमें अखिल कुमार (56 किग्रा), सुरंजय सिंह (52 किग्रा), जय भगवान (60 किग्रा) और हाल में अर्जुन पुरस्कार हासिल करने वाले दिनेश कुमार (81 किग्रा) शामिल हैं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के महासचिव पीके मुरलीधरन राजा ने भी इस बार मुक्केबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है और तैयारियों और मुक्केबाजों की फार्म को देखते हुए 2006 में पांच पदकों की बनस्पत इस बार टीम सात पदक अपने नाम कर सकती है।
अनुभवी मुक्केबाज अखिल ने पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था और इससे पहले 2002 में मोहम्मद अली कमर ने देश को पहला राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक दिलाया था। लेकिन लगातार चोटों से अखिल का कैरियर काफी प्रभावित हुआ और इस 28 वर्षीय को पूरा भरोसा है कि वह दिल्ली में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएंगे। |
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