| | तेज हुई औद्योगिक पहिये की रफ्तार | | | |
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मशीन -उपकरण, उद्योग के उछाल की बदौलत देश के औद्योगिक पहिए की रफ्तार और तेज हो गई है और जुलाई माह के दौरान औद्योगिक वृद्धि 13. 8 प्रतिशत के दायरे में पहुंच गई। एक साल पहले इसी माह औद्योगिक वृद्धि 7. 2 प्रतिशत थी।
नई दिल्ली। चालू वित्तवर्ष के पहले चार महीनों अप्रैल -जुलाई 2010 के दौरान औद्योगिक वृद्धि 11. 4 प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले के इसी दौरान 4. 7 प्रतिशत थी। यहां जारी सरकारी आंकडों के अनुसार आलोच्य अवधि में पूंजीगत क्षेत्र कहे जाने वाले मशीन और उपकरण बनाने वाली उद्योगों के उत्पादन में 63 प्रतिशत की आशातीत बढोतरी दर्ज की गई।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल मुख्य औद्योगिक वर्गो में निर्माण क्षेत्र ने जुलाई में 15 प्रतिशत, खनन क्षेत्र 9. 7 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र ने 3. 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। जुलाई 2009 में इन क्षेत्रों की वृद्धि दर क्रमशः 7. 4 प्रतिशत, 8. 4 प्रतिशत और 4. 2 प्रतिशत थी। पूंजीगत और टिकाउू उपभोक्ता सामान बनाने वाले उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई 2010 में क्रमशः 63 प्रतिशत और 22.। प्रतिशत रही।
इससे पहले आर्थिक विश्लेषकों ने यह अनुमान लगाया था कि इस बार जुलाई की औद्योगिक वृद्धि 10 प्रतिशत से कम रहेगी, क्योंकि पिछले साल इसी माह औद्योगिक वृद्धि अपेक्षाकृत उूंची थी। इस बार जून की वृद्धि को देखते हुए जुलाई की औद्योगिक वृद्धि को सराहनीय कहा जाएगा। जून में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वृद्धि 7.। प्रतिशत थी, जिसे बाद में संशोधित करके 5. 67 प्रतिशत कर दिया गया था। |
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