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नई दिल्ली। जुलाई के महीने में 13.8 प्रतिशत औद्योगिक विकास दर से उत्साहित वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज चालू वित्त वर्ष में औद्योगिक वृद्धि दर 12 से 13 प्रतिशत तक भी पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि रोजगार का सृजन करने वाले विनिर्माण क्षेत्र अश्चछा काम कर रहा है। मुखर्जी ने औद्योगिक वृद्धि के जुलाई के आंकडों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे इस वर्ष औसत औद्योगिक वृद्धि दर 12 से 13 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
रोजगार सृजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण विनिर्माण उद्योग अज्छा चल रहा है। यह पूछने पर कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में फिर तेजी के रुख को देखते हुए क्या रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति को दबाने के लिए नीतिगत ब्याज दरें और बढा सकता है, , वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक स्थिति पर निगाह रखे हुए ह, हालात को देख कर जो भी जरूरी होगा, हम कार्रवाई करेंगे। औद्योगिक क्षेत्र का प्रदर्शन जुलाई में उम्मीदों से उूपर रहा और माह के दौरान औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 13.8 प्रतिशत की वृद्धि रही।
पिछले वर्ष इसी माह औद्योगिक वृद्धि 7.2 प्रतिशत थी। अधिकांश विश्लेषकों ने कहा था कि इस बार जुलाई में औद्योगिक वृद्धि 10 प्रतिशत से नीचे रहेगी। जुलाई के महीने में विनिर्माण क्षेत्र 15 प्रतिशत की दर से बढा जो वर्ष भर पहले 7.4 प्रतिशत की दर से बढा था। औद्योगिक वृद्धि दर चालू वित्तवर्ष के पहले चार महीनों ःअप्रैल से जुलाईः में 11.4 प्रतिशत रही। भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योग क्षेत्र का योगदान 20 प्रतिशत से थोडा कम है। सरकार को चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद में 8.5 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। |