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योजना आयोग को आर्थिक वृद्धि 8.5 प्रश से अधिक का...
On 9/10/2010 9:06:41 PM

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नई दिल्ली। योजना आयोग ने जुलाई माह में प्रभावी औद्योगिक वृद्धि दर के मद्देनजर आज मौजूदा वित्त वर्ष के लिए जीडीपी लक्ष्य को बढाने का समर्थन किया। मशीन-उपकरण, उद्योग के उछाल की बदौलत जुलाई माह में औद्योगिक वृद्धि 13. 8 प्रतिशत हो गई है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने जुलाई में औद्योगिक वृद्धि दर के आंकडों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जुलाई के ये आंकडे मेरी अपेक्षा से भी अज्छे हैं। अप्रैल-जुलाई को मिलाकर देखें तो लगेगा कि हम वृद्धि दर लक्ष्य को पाने के लिए पटरी पर हैं। वस्तुतः जीडीपी वृद्धि दर में आंशिक बढोतरी का अवसर भी है। सरकार ने इस वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी में 8.5 प्रतिशत वृद्धि दर का लक्ष्य रखा है। पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले की अवधि में छह प्रतिशत थी। सरकार के शुक्रवार को आंकडों में कहा गया है कि जुलाई में औद्योगिक वृद्धि दर 13.8प्रतिशत रही जो पिछले साल जुलाई माह में 7. 2 प्रतिशत थी।

चालू वित्तवर्ष के पहले चार महीनों अप्रैल-जुलाई 2010 के दौरान औद्योगिक वृद्धि 11. 4 प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले के इसी दौरान 4. 7 प्रतिशत थी। यहां आज जारी सरकारी आंकडों के अनुसार आलोज्य अवधि में पूंजीगत क्षेत्र कहे जाने वाले मशीन और उपकरण बनाने वाली उद्योगों के उत्पादन में 63 प्रतिशत की आशातीत बढोतरी दर्ज की गई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल मुख्य औद्योगिक वर्गो में निर्माण क्षेत्र ने जुलाई में 15 प्रतिशत, खनन क्षेत्र 9. 7 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र ने 3. 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। जुलाई 2009 में इन क्षेत्रों की वृद्धि दर क्रमशः 7. 4 प्रतिशत, 8. 4 प्रतिशत और 4. 2 प्रतिशत थी।

अहलूवालिया ने कहा कि यह अज्छा समाचार है। मैं तो सोच रहा था कि जुलाई में औद्योगिक वृद्धि दर घटेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह अज्छी बात है। इससे पहले आर्थिक विश्लेषकों ने यह अनुमान लगाया था कि इस बार जुलाई की औद्योगिक वृद्धि 10 प्रतिशत से कम रहेगी, क्योंकि पिछले साल इसी माह औद्योगिक वृद्धि अपेक्षाकृत ऊंची थी। इस बार जून की वृद्धि को देखते हुए जुलाई की औद्योगिक वृद्धि को सराहनीय कहा जाएगा। जून में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वृद्धि 7.1 प्रतिशत थी। जिसे बाद में संशोधित करके 5. 67 प्रतिशत कर दिया गया था। आहलूवालिया ने कहा कि जहां तक आर्थिक वृद्धि से जुडे सभी संकेतकों का सवाल है तो संकेत यही है कि चीजें ठीक चल रही हैं।

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