| | 8.2 करोड टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य | | | |
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नई दिल्ली। सरकार ने 2010-11 के फसल वर्ष में 8.2 करोड टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जो पिछले वर्ष के रिकार्ड उत्पादन से 13 लाख टन अधिक है। कृषि मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी है। भारत दुनिया में गेहूं उत्पादन की दृष्टि से दूसरा सबसे बडा देश है।
गंभीर सूखे के बावजूद 2009-10 फसल वर्ष जुलाई जून में देश में आठ करोड 7.1 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ था। इस वर्ष के गेहूं उत्पादन के लक्ष्य के बारे में पूछने पर कृषि सचिव पी के बसु ने पीटीआई को बताया, गेहूं उत्पादन पिछले वर्ष फसल पकने के समय गर्मी बढने के कारण प्र*भावित हुआ। अगर इस वर्ष फसल पकने के समय का तापमान उपयुक्त रहा तो उत्पादन 8.2 करोड टन होने की संभावना है। पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में अनाज में भराव के समय के दौरान तापमान के बढने के कारण 2009-10 में गेहूं का उत्पादन आठ करोड 7.1 लाख टन पर स्थिर रहा जो उत्पादन वर्ष भर पहले आठ करोड 6.8 लाख टन था।
बसु ने कहा कि बेहतर मानसून के कारण गेहूं का उत्पादन 2010-11 में बेहतर होगा क्योंकि अच्छे मानसून के कारण जलाशय जलमग्न हो गए हैं जिससे फसल के लिए पानी की कोई कमी नहीं हुई है। उन्होंने कहा, अच्छी बरसात के कारण भूमिगत जल की स्थिति भी बेहतर है जिसने खारा पानी नीचे जाने में मदद की है। कृषि मंत्रालय ने 17 से 18 सितंबर को रबी अभियान को तैयार किया है।
चालू वर्ष में रिकार्ड उत्पादन सरकार को निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए प्रेरित कर सकता है क्योंकि केन्द्र सरकार पहले ही भारी गेहूं उत्पादन और विगत दो वर्षो की खरीद के मद्देनजर भंडारण समस्या से जूझ रही है। वर्ष 2007 के आरंभ से गेहूं के निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया था और घरेलू उपलब्धता बढाने के लिए आयात शुल्क मुक्त कर दिया था। सरकार ने अपने बफर स्टाक की जरूरतों को पूरा करने के लिए वर्ष 2006 और वर्ष 2007 में 70 लाख टन गेहूं का आयात किया था। |
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