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दिल्ली में बाढ की आशंका
नई दिल्ली । दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर आज खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर चले जाने से राष्ट्रीय राजधानी के निचले इलाकों में बाढ का खतरा पैदा हो गया है, जबकि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने लोगों से नहीं घबराने को कहा है। यमुना का जलस्तर दोपहर तीन बजे 205. 88 मीटर तक पहुंच गया और हरियाणा के हथिनीकुंड बराज से छोडे गए पानी के यहां पहुंचने के बाद इसमें शाम के वक्त और बढोतरी होने की आशंका है।
पंजाब -हरियाणा प्रभावित
चंडीगढ। पंजाब और हरियाणा में यमुना एवं अन्य बडी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं , जिससे दोनों राज्यों में बाढ की स्थिति शुक्रवार को भी खराब रही। हरियाणा के यमुनानगर और अन्य जिलों में 80 से ज्यादा गांव जलमग्न हो गए।अधिकारियों ने कहा कि यमुनानगर जिले में 62 से ज्यादा गांवों में घुटने भर पानी जमा हो गया है, जबकि यमुना नदी के किनारे पानीपत, करनाल और सोनीपत के कई गांवों में पानी घुस गया है। अधिकारियों ने कहा कि हथिनी कुंड बांध एवं यमुनानगर के ताजेवाला हेडवक्र्स से करीब 85 हजार क्यूसेक पानी छोडा गया। हरियाणा एवं पंजाब से गुजरने वाली अधिकतर नदियों में क्षमता से ज्यादा पानी बह रहा है और इन नदियों के किनारे के गांवों को खाली करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि पोंटा साहिब-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग 73 को आंशिक रूप से खोला गया जबकि अंबाला-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी का स्तर कम हो रहा है इसलिए इसे खोल दिया गया है। करनाल, पानीपत, सोनीपत, आनंदपुर साहिब और रोपड में भी बाढ का पानी गांवों में घुसने से यहां की स्थिति खराब है। बहरहाल पंजाब एवं हरियाणा के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश जारी है जिससे कई इलाके डूब गए हैं। अमृतसर में 16.6 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि नारनौल में 10 मिलीमीटर बारिश हुई। रोहतक में 9.4 मिलीमीटर, हिसार में सात मिलीमीटर, करनाल में पांच मिलीमीटर, लुधियाना में ढाई मिलीमीटर, भिवानी में एक मिलीमीटर और चंडीगढ में 0.8 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में इलाके में कई जगहों पर और बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। कई जगहों पर मूसलाधार बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने के बावजूद रेल, सडक एवं हवाई यातायात सामान्य रहा।
देश से कटा अरुणाचल
इटानगर। अरुणाचल प्रदेश में लगातार दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते अचानक आई बाढ में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और अनेक अन्य बेघर हो गए। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार रात अपर सियांग जिले के मोसिंग गांव में जोरदार भूस्खलन के बाद मलबे के नीचे दबने से लोगों की मौत हुई। मूसलाधार बारिश के कारण अचानक आई बाढ से सडक संफ टूट गया। अपर सियांग को अन्य जगहों से जोडने वाला एक अहम पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कई सडकें भी कट गई। इन सब से यह जिला शेष देश से कट गया।
असम में 1.5 लाख प्रभावित
लखीमपुर -गोलाघाट। असम के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते लखीमपुर, धेमाजी, गोलाघाट और सोनीतपुर जिलों में आई बाढ से करीब 1.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति के बाढ में बह जाने की खबर है। अधिकारियों ने आज कहा कि बाढ से बुरी तरह से प्रभावित लखीमपुर जिले में उफनती सेसा नदी में गोविंदा बोरा नाम का व्यक्ति बह गया। नदी का तटबंध टूट जाने के बाद बुराबुरी, बोरालोपार, काठलीजान और हिंगिया सहित 30 गांव जलमग्न हो गए हैं। गोलाघाट में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के गोराकली शिविर क्षेत्र में दो वर्षीय राइनो पानी में डूबा पाया गया।
दीवार ढहने से 4 मरे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कुर्सी थाना क्षेत्र में एक कच्चे मकान की दीवार ढह जाने से एक महिला तथा उसके तीन बच्चों की दबकर मृत्यु हो गई , जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि कुर्सी थाना क्षेत्र के करौंदा गांव में 30 वर्षीय रमावती अपने बच्चों पांच वर्षीय रोली, नौ वर्षीय काजल व 12 वर्षीय अमित के साथ अपने घर में थी कि अचानक 13 फुट ऊंची दीवार ढह गई जिससे परिवार के पांच सदस्य उसके नीचे दब गए।
दिल्ली में डेंगू की रफ्तार कम हुई : सरकार
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा कि राजधानी दिल्ली में पिछले दिनों डेंगू के तेजी से बढते मामलों में अब गिरावट देखी जा रही है और राष्ट्रमंडल खेलों से पहले संबंधित एजेंसियों के सहयोग से इस बीमारी के प्रकोप को काबू में किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुजाता राव ने आज संवाददाताओं से कहा कि इस साल जुलाई के दूसरे सप्ताह से डेंगू के मामले सामने आने शुरू हुए और तब से अगस्त के अंतिम सप्ताह तक इनमें वृद्धि हुई। लेकिन मामलों की रफ्तार में अब कमी आई है। सूत्रों के मुताबिक नौ सितंबर तक इस बीमारी के 1580 मामले सामने आए हैं और चार लोगों की मौत हुई है।
सरकार का कहना है कि पिछले सालों की अपेक्षा मामलों में बढत के साथ अब गिरावट भी तेजी से हुई है। राव ने कहा कि 1996 में जहां इस बीमारी के 10252 मामले सामने आए, इसके बाद 2003 और 2006 में भी इसका प्रकोप देखा गया। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि अगस्त से लेकर नौ सितंबर तक दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण भी डेंगू के मामले तेजी से बढे हों। इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय चिंताओं और कई देशों में भारत के लिए यात्रा परामर्श जारी होने संबंधी खबरों को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए राव ने कहा कि कई देशों में इस समय डेंगू की स्थिति है और उन तक मीडिया आदि के माध्यम से यह संदेश जाना चाहिए कि दिल्ली में अपेक्षाकृत किसी तरह की चिंताजनक स्थिति नहीं है।
राव ने कहा कि राजधानी में एमसीडी और एनडीएमसी के अलावा अन्य केंद्रीय एजेंसियों जैसे एनवीबीडीसीपी, एनसीडीसी आदि के साथ मिलकर मच्छरों के प्रजनन पर काबू पाने की भरसक कोशिशें चल रहीं हैं। इसके अलावा टीवी चैनलों, रेडियो, अखबारों में विज्ञापनों आदि के साथ भी जनता को इस बीमारी के स्रोतों जैसे कंटेनरों, कूलरों, घर में अन्य जगहों पर पानी भरने के स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए संदेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर भारत सरकार ने हरसंभव तरीके से डेंगू के प्रकोप को रोकने की समीक्षा की है। राव ने कहा कि फिलहाल डेंगू बहुत ज्यादा भयावह स्थिति में नहीं है और दिल्ली में 40 अस्पतालों में प्लेटलेट की इकाइयां उपलब्ध हैं।
उन्होंने डेंगू की दवाइयों की कथित तौर पर कमी और मरीजों के लिए अस्पतालों में बिस्तर नहीं होने संबंधी खबरों को खारिज करते हुए कहा कि किसी तरह की कमी नहीं है। इस दिशा में उन्होंने नागरिकों की भी जिम्मेदारी होने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम ने रेजीडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन्स के साथ मिलकर व्यापक जागरुकता अभियान चलाया है जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने यह कहा कि हमारी रिपोर्ट दिखाती हैं कि राष्ट्रमंडल के सभी खेल स्थलों पर इस बीमारी के मद्देनजर पूरी तरह नियंत्रण की स्थिति है। इस मौके पर एमसीडी के एक अधिकारी ने कहा कि खेल गांव के आसपास बारिश का जो पानी जमा हो गया है उसे लेकर पूरी निगरानी बरती जा रही है और वहां से एक किलोमीटर के दायरे में डेंगू के संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया गया है इसलिए किसी तरह की चिंता की बात नहीं है। |