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वियनतियाने । आसियान देशों के साथ अपने संबंधों को आगे बढाते हुए भारत ने लाओस को पनबिजली परियोजनाओं के लिए 7.25 करोड डालर का ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके साथ ही यहां भारत का कुल निवेश बढकर 16.2 करोड डालर पर पहुंच गया है।
दोनों देशों ने 2011 से 2013 के लिए तीन साल के सांस्कृति आदान-प्रदान कार्यक्रम का भी नवीकरण किया। इससे दोनों देशों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति एवं कला, युवा मामले और खेल तथा मास मीडिया में सहयोग बढेगा। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल इस समय लाओस की यात्रा पर हैं। उन्होंने लाओस के राष्ट्रपति चाउमाली सयासोन को बैठक के दौरान बताया कि भारत दो परियोजनाओं के लिए लाओस को 7.25 करोड डालर की मदद उपलब्ध कराएगा। विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) विजया लता रेड्डी ने बैठक के बाद कहा कि लाओस ने एक फरवरी, 2010 को दो पनबिजली परियोजनाओं के लिए 7.25 अरब डालर के कर्ज का आग्रह किया था। शुक्रवार की बातचीत में राष्ट्रपति ने यह ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की। लाओस में भारत के राजदूत जितेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि अब देश में भारत का निवेश बढकर 16.2 करोड डालर पर पहुंच गया है। सूत्रों ने कहा कि लाओस ने चार प्रांतों में सिंचाई परियोजनाओं के विकास के लिए तीन करोड डालर की मदद और मांगी है। यह अभी प्रक्रिया में है। |