| | तेज चाल में है दीर्घायु जीवन का राज | | | |
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लंदन। लंबा और स्वस्थ जीवन जीने को लेाग न जाने क्या -क्या नुस्खे अपनाते हैं तथा यह सूत्र किसी क हाथ लग जाए तो कहने ही क्या। एक नए अध्ययन में इसका सूत्र खोज निकालने का दावा किया गया है जिसके अनुसार दीर्घायु रहना है तो तेज गति से चलें, दोस्तों से गर्मजोशी से मिले और जब भी मिले अच्छी तरह हाथ मिलाए। यूनिवर्सिटी कालेज आफ लंदन में अनुसंधानकर्ताओं ने दो तरह के लोगों पर तुलनात्मक अध्ययन किया। कुछ लोग तेज गति से चलने के अभ्यस्त और कुछ सुस्ती से चलने के आदी थे। उन्होंने पाया कि तेज चलने वाले लोगों की सुस्त की तुलना म दीर्घायु होने की संभावना तीन गुना अधिक है। वैसे लोग जो गर्मजोशी से मिलते हैं, उनकी भी कमजोर लोगों की तुलना में आयु डेढ गुना अधिक पाई गई। डेली एक्सप्रेस ने खबर दी है कि अपने अनुसंधान में विशेषज्ञों ने 50 हजार से अधिक महिला तथा पुरुषों पर 33 से अधिक अध्ययन किए और निष्कर्ष अपना निष्कर्ष निकाला। प्रतिभागियों में से अधिक 70 वर्ष से अधिक उम्र के थे।
डॉक्टरों के लिए आसान होगा सक्रिय दीर्घायु जीवन देना
अध्ययन ने संकेत दिए हैं कि इसी प्रकार के शरीर संबंधी परीक्षणों से वैसे रोगियों का मर्ज पता लगाने में मदद मिलेगी , जिनकी काया बीमारी या किसी दुर्घटना के पहले कमजोर पड जाती है। इतना ही नहीं किसी गंभीर क्षति के पहले भी कारण का पता लगाना और मरीजों को मदद करना संभव होगा। डॉ. रैशेल कूपर ने कहा कि बिना चीरफाड के चिकित्सकों को वैसे मरीजों की मदद करने में बल प्राप्त होगा जो आगे चलकर खराब स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील होते हैं और समय रहते ही उन्हें सक्रिय दीर्घायु जीवन देना संभव होगा। बहरहाल कूपर ने कहा कि मजबूत पकड तथा तेजी से चलने के दीर्घायु जीवन के बीच अंतर्संबंध का पता लगाने के लिए आगे भी अध्ययन की दरकार है। अनुसंधानकर्ताओं का निष्कर्ष ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के नए अंक में प्रकाशित हुआ है। |
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