| | ...लेकिन दर्शक चाहिए ‘दबंग’ | | | |
|  | | | |
| | |
दबंग चुलबुल पांडे के डॉयलॉग पर दर्शकों ने तालियों और सीटियां बजाने में कोई कसर नहीं छोडी। साथ ही मुन्नी की अदाओं ने सभी का मन मोह लिया। जिस तरह ‘तेरे नाम’और ‘वांटेड’ के राधे और ’वीर’ के वीरा को हम नहीं भूल पाएंगे, वैसे ही चुलबुल पांडे की चुलबुली अदाओं को भुलाना मुश्किल है।
कहानीः देश की राजनैतिक राजधानी उत्तरप्रदेश के गांव लालगंज की पृष्ठभूमि में बनी ‘दबंग’ चुलबुल पांडे (सलमान खान) के इर्द गिर्द घूमती कहानी है। चुलबुल का बचपन काफी उथल-पुथल भरा रहा। पिता की मौत के बाद उसकी मां (डिम्पल कपाडिया) ने प्रजापति पांडे (विनोद खन्ना) से शादी करती है। उनका एक बेटा है माखनचंद उर्फ माखी (अरबाज खान)। अपने पिता और सौतेले भाई से परेशान चुलबुल घर छोड देता है। उस दौरान रज्जो (सोनाक्षी सिन्हा) चुलबुल की जिंदगी में आती है, तो उसका नजरिया जिंदगी के प्रति बदल जाता है, लेकिन चेड्डी सिंह (सोनू सूद) उसे हमेशा उसके सौतेले भाई के खिलाफ भडकाता रहता है। समय के साथ माखनचंद की आंखें खुल जाती हैं और वह अपने भाई के साथ खडा हो जाता है।
निर्देशनः एक्शन ,रोमांस से भरपूर फिल्म ‘दंबग’ की जबरदस्त ओपनिंग हुई है। अभिनव कश्यप ने कमाल का निर्देशन किया और पूरी तौर पर मनोरंजक और पैसा वसूल फिल्म बनाई है। ‘दबंग’ हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। कहने का मतलब यह है कि इस फिल्म को देखने के बाद कोई ये नहीं कहेगा कि वह रोमांस देखने गया तो उसे रोमांस नहीं मिला और कोई एक्शन देखने गया तो उसे एक्शन नहीं मिला। अभिनव कश्यप ने कमाल का निर्देशन किया और पूरी तौर पर मनोरंजक फिल्म बनाई है।
एक्टिंगः फिल्म में सलमान खान के साथ -साथ डिंपल कपाडिया, विनोद खन्ना, अनुपम खेर, अरबाज खान, सोनू सूद और नवोदित सोनाक्षी ने भी अभिनय में कोई कसर नहीं छोडी, सोनाक्षी को छोडकर सभी को मंजा हुआ कलाकार कहा जाता है, लेकिन कुछ सीन में सोनाक्षी की एक्टिंग की तारीफ की जा सकती है। साथ ही फिल्म में वह में वह सुंदर और आत्मविश्वासी लगीं है। पूरी फिल्म सलमान बेस्ड हैं बावजूद इसके सोनाक्षी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। फिल्म में महेश लिमये की सिनेमोटोग्राफी उपयुक्त है। साथ ही सल्लू मियां के लिए लिखे गए डॉयलॉग पर दर्शकों ने तालियों और सीटियां बजाने में कोई कसर नहीं छोडी है।
म्यूजिकः अगर बात संगीत की करें तो ललित पंडित और साजिद -वाजिद के गीतों ने सबका दिल जीत लिया है। एक ओर तो ‘तेरे मस्त-मस्त ये नैन...’ ने वाकई लोगों का चैन चुरा लिया है, तो दूसरी ओर मलाइका के ‘मुन्नी बदनाम हुई...’ ने सभी को दीवाना बना दिया। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है ‘दबंग’ पूरी तौर पर मनोरंजक मसालेदार फिल्म है, जो हर लिहाज से पैसा वसूल है। |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
| |