नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के हाथों टेस्ट सीरीज हारने के बाद टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की कड़ी आलोचना हो रही है। हार की गाज धोनी पर गिरना तय है। सूत्रों के मुताबिक धोनी को टेस्ट कप्तानी से हटाया जा सकता है। बीसीसीआई भी इसका मन बना चुकी है। बीसीसीआई का मानना है कि धोनी टी-20 और वनडे फॉर्मेट के लिए अच्छे कप्तान हैं, इसलिए उनको टेस्ट की कप्तानी से हटा दिया जाए।
बीसीसीआई नाराज
बीसीसीआई के अधिकारी सोच रहे हैं कि सहवाग को मौका दिया जाना चाहिए। यह बात अलग है कि सहवाग की कप्तानी का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। बीसीसीआई के अधिकारी धोनी के उस बयान से भी नाराज हैं, जिसमें उन्होंने 2013 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की बात कही थी। 12 फरवरी को बीसीसीआई की वर्किंग कमेटी की बैठक है। इसमें धोनी को टेस्ट कप्तानी से हटाए जाने पर फैसला लिया जा सकता है। एडिलेड हार के बाद ही बोर्ड ने कहा था कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा होगी।
टीम में फूट के कारण हार
कहा जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हार की बड़ी वजह धोनी और सहवाग के बीच अहम की लड़ाई है। टीम चयन, फील्ड प्लेसमेंट और नए खिलाड़ियों के चयन को लेकर धोनी और सहवाग में काफी मतभेद थे। मैदान पर सहवाग और कुछ अन्य खिलाड़ियों पर धोनी का जोर नहीं चलता था। बीसीसीआई के अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि टीम में फूट का हार में कितना योगदान रहा है।
हरभजन भी बनना चाहते हैं कप्तान
महेंद्र सिंह धोनी की विदाई की खबरों के बीच उनका स्थान लेने की कवायद भी शुरू हो गई है। फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह का कहना है कि वो भी टीम इंडिया का कप्तान बनना चाहते हैं। एक साक्षात्कार में भज्जी ने कहा, भारत का नेतृत्व करना मेरा सपना है। हालांकि बोर्ड धोनी की जगह टीम की कमान सहवाग को सौंपने पर विचार कर रहा है।