ग्वालियर । मौसम में लगातार होते बदलाव के चलते मौसमी बीमारियों ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। जेएएच के मेडिसिन विभाग में अत्याधिक मरीजों की संख्या के चलते पलंग कम पड़ रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन को मजबूरन मरीजों को जमीन पर लिटाना पड़ता है। डॉक्टरों के अनुसार बदलते मौसम में जरा सी भी लापरवाही उल्टी, दस्त, पीलिया का कारण बनती है।
दिन में चिलचिलाती धूप एवं रात में मौसम ठंडा होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। तापमान में 12 से15 डिग्री का अंतर बना होने से लोग मौसमी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जयारोग्य अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में 231 पलंग है, जबकि यहां 262 मरीज भर्ती हैं। हालत यह है कि डॉक्टर कुछ राहत मिलते ही मरीजों को डिस्चार्ज कर देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में बदलाव होने के कारण लोगों के शरीर का तापमान कम ज्यादा हो रहा है और यही वजह बीमारियों का कारण बन रही है।
ओपीडी में रोगियों की भरमार
गर्मी का मौसम शुरू होते ही मरीजों की संख्या में अत्यधिक इजाफा हो जाता है। वर्तमान में जेएएच की ओपीडी में मरीजों की संख्या 1000 तक पहुंच गई है और आने वाले दिनों में यह आंकड़ा 1200 से अधिक हो जाएगा। ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की संख्या 260 के लगभग है।
इनका कहना
यह बात सही है कि ओपीडी में मरीजों संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई है। सबसे ज्यादा मरीज मेडिसिन विभाग में भर्ती हैं। मरीजों की संख्या पंलग से ज्यादा होने के कारण उन्हें जमीन पर लिटाना पड़ रहा है। मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए वार्डो में कूलर एवं पंखे लगाए हैं।
डॉ. कमल भदौरिया, सहायक अधीक्षक एवं प्रवक्ता, जेएएच
इस मौसम में संख्या बढ़ती है। व्यायाम, वॉक एवं ताजा भोजन करें। धूप में ज्यादा रहना, तुंरत ठंडा पानी पीने से परहेज जरूरी है।
डॉ. अजय पाल सिंह, एसो. प्रो., जेएएच