भोपाल। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में इतनी गंदगी क्यों है। आखिर कौन सी एजेंसी से सफाई कराई जा रही है। यह गंदगी मरीजों को ठीक करेगी या उनकी बीमारी को और बढ़ाएगी। डीन साहब तत्काल एक्शन लीजिए, और हटाए ऐसे लोगों को और किसी दूसरे को काम दो। कुछ इस तरह की नाराजगी बुधवार को राज्य सफाई कामगार आयोग अध्यक्ष गंगाराम घोसरे ने हमीदिया अस्पताल के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जताई।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे घोसरे हमीदिया अस्पताल पहुंचे और इमरजेंसी से होते हुए सभी विभागों एवं वार्डो में सफाई व्यवस्था का नजारा उन्होंने देखा। निरीक्षण की खबर मिलते ही जीएमसी के डीन डॉ. निर्भय श्रीवास्तव, अध्यक्ष डॉ. डीके पाल भी वहां पहुंच गए। करीब दो घंटे तक उन्होंने लगातार निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं को देखा।
इस दौरान उन्हें जगह-जगह कोने में गंदगी के ढेर नजर आए। इमरजेंसी वार्ड में टूटे बिस्तर और जमीन पर पट्टी आदि पड़ी दिखीं जो खून आदि से लथपथ थीं। इसी तरह ओपीडी में जहां मरीजों को बैठने की जगह होती है वहां ऐसा लग रहा था जैसे लंबे समय से यहां की सफाई नहीं हुई है।
पीएफ कट रहा , लेकिन..
सफाई कामगार आयोग अध्यक्ष ने जब सफाई कर्मचारियों से पूछा कि उन्हें वेतन समय पर मिल रहा है अथवा नहीं तो कर्मचारियों ने बताया कि सर हमारे वेतन से हर महीने 950 रुपए काटे जा रहे हैं, पर यह नहीं पता कि यह राशि किस लिए कट रही है। बाद में उन्हें एजेंसी के एक कर्मचारी ने बताया कि यह राशि पीएफ के नाम पर काटी जा रही है। इस पर उन्होंने कर्मचारियों का रजिस्टर देखा तो इसका कोई उल्लेख ही नहीं था।
कर्मचारियों का पैसा सुपरवाईजर को
हमीदिया में 90 कर्मचारियों को सफाई के लिए लगाया गया है। इन कर्मचारियों के वेतन से हर महीने एक हजार रुपए काट कर सुपरवाईजर को वेतन दिया जा रहा है। इन सफाई कर्मचारियों के ऊपर छह सुपरवाईजर लगाए गए हैं जिनका वेतन नियमानुसार एजेंसी को अलग से देना चाहिए। इस पर घोसरे ने जमकर एजेंसी को लताड़ लगाई। गौरतलब है कि हमीदिया की सफाई एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी आर्यन एजेंसी को दी गई थी, जिसके संचालक संजय सिंह हैं। इस एजेंसी से सुरक्षा की जिम्मेदारी तो छीन ली गई है। अब इनके पास केवल सफाई का ठेका ही शेष है।
आयोग अध्यक्ष से सीधी बात
-- हमीदिया के निरीक्षण में पाई अपार गंदगी के बाद आप क्या एक्शन लेंगे?
- मैंने डीन को दो दिन में एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए कहा है।
-- कर्मचारियों के वेतन से काटा पैसा यदि उन्हें नहीं मिला तो क्या करेंगे?
- डीन की कार्रवाई की समीक्षा कर एजेंसी संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। |