जबलपुर । नरसिंहपुर के झिलपानी ठाना में हुए विवाद में 55 वर्षीय अंबिका प्रसाद दुबे उर्फ मुन्ना महाराज की मौत के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया।
अनाज जब्त करना बना कारण
मामले में हुई मौत का गोली से होना ही बताया जा रहा है, पर आधिकारिक सूत्रों से इसकी तस्दीक अब तक नहीं हो पाई है। उल्लेखनीय है कि नरसिंहपुर के झिलपानी ठाना गांव में वर्षा पूर्व वितरण के लिए राशन दुकान में पहुंचे अनाज की मात्र कम होने की बात को लेकर मुन्ना महाराज सहित ग्रामीणों ने रोष जताते हुए अनाज जब्त कर लिया था।
मृतक के परिजनों ने बताया कि गेहूं से भरा ट्रक ग्रामीणों द्वारा उनके घर के सामने लाकर खड़ा कर दिया था। जिसे वापस करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी दबाव बना रहे थे।
इसी संदर्भ में सरकारी गेहूं छुड़ाने पहुंचे सुआतला थाना प्रभारी आशुतोष चाँद अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। जिन्होंने गाली देते हुए अनाज वापस करने को कहा। जिसके बाद हुए उग्र विवाद के दौरान गोली लगने से मुन्ना महाराज उर्फ अंबिका प्रसाद दुबे की मौत हो गई।
न्यायिक जांच के आदेश: आईजी व्ही मधुकुमार ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश की बात बताते हुए कुछ भी कहने से किया है। उन्होंने कहा कि मामले में न्यायिक जांच के बाद आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई संभव हो सकेगी।
पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि!
मृतक का पोस्टमार्टम मेडिकल अस्पताल में एसडीएम की उपस्थिति में किया हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत गोली लगने से होने की तस्दीक हो गई बताई जा रही है, पर इस विषय पर आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। लाश का पंचनामा एसडीएम गोरखपुर राजेन्द्र राय व तहसीलदार पीएस त्रिपाठी द्वारा किया गया।
घटना दुर्भाग्यपूर्ण
नरसिंहपुर से आए क्षेत्रीय विधायक सुनील जायसवाल ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अगर गोली आत्मरक्षा के लिए भी चलाई गई थी तो सीने में नहीं लगनी चाहिए थी। किसी इंसान को रोकने के लिए कमर से नीचे गोली चलाना काफी होता है। पर सीने और पेट में गोली का लगना कुछ और कहानी कहता है।
इनका कहना
मेरी उपस्थिति में लाश का पंचनामा किया गया पर पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का खुलासा मेरी जानकारी में नहीं है।
राजेन्द्र राय, एसडीएम गोरखपुर अनुभाग