भोपाल। आम लोगों को जब-तब किसी न किसी समस्या के आने पर मदद की जरूरत पड़ती है। ऐसे लोगों की सुविधा और सहायता के लिए शहर में पुलिस हेल्प लाइन, महिला उत्पीड़न हेल्प लाइन, आकस्मिक चिकित्सा एवं उपभोक्ताओं के लिए हेल्प लाइन चालू है, जिसके नंबर डायल कर चाही गई मदद लोग प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन इसके बाद भी कई ऐसी समस्याएं हैं जिनमें लोगों को हेल्प लाइन की जरूरत है पर उन्हें मदद नहीं मिल पाती है। प्रस्तुत है एक विस्तृत रिपोर्ट-
-- उपभोक्ता सलाहकार केन्द्र जीटीजेड प्रोजेक्ट- 155343, 0755- 2559778, 2559993
-- उद्देश्य - आम उपभोक्ता की चीजों पर धोखाधड़ी एवं गुणवत्ता की शिकायत
-- कब से शुरू- अप्रैल 2010 से
-- प्रतिदिन आने वाले मामले - 10 से 15
-- प्रभाव- विंध्याचल भवन के प्रथम तल पर खाद्य विभाग में स्थित इस केन्द्र में उपभोक्ता से जुड़ी कोई भी समस्या की शिकायत की जा सकती है। इसका निराकरण तत्काल होगा।
-- आकस्मिक चिकित्सा सहायता- 108 डायल करें
-- उद्देश्य - सड़क दुर्घटना में घायल, हार्ट अटैक अथवा प्रसव के लिए 108 नंबर डायल कर ऐसे लोगों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाना।
-- कब से शुरू- विगत तीन वर्षो से
-- प्रतिदिन आने वाले मामले- कम से कम 50
-- प्रभाव- इससे अब लोगों की असमय जाने वाली जान बच रही है।
सीनियर सिटीजन हेल्प लाइन क्यों जरूरी है
कई घरों में बुजुर्गो के साथ उनके ही परिजन अन्याय करते हैं। ऐसे में इन्हें किसी ऐसी संस्था अथवा व्यक्ति की मदद की जरूरत पड़ती है, जो उन्हें इस अन्याय से मुक्ति दिला सके।
लेट नाइट केमिस्ट क्यों जरूरी है
अचानक किसी व्यक्ति को दवाओं की जरूरत पड़ने पर उसके पास ऐसे सार्वजनिक मेडिकल स्टोर के नंबर होना चाहिए जहां रात में किसी भी समय उसे दवाएं मिल सकें।
ब्लड बैंक क्यों जरूरी है
किसी भी अस्पताल में भर्ती मरीज को रक्त की जरूरत पड़ती है, लेकिन स्थिति यह बन जाती है कि मरीज को चाहा गया ब्लड नहीं मिल पाता है और उसकी इसके अभाव में मौत हो जाती है। इसलिए ऐसी हेल्प लाइन होना चाहिए जिस नंबर को डायल करते ही उसके मरीज हो ब्लड मिल जाए।
एलपीजी इमरजेंसी सर्विस क्यों जरूरी है
घरों में अचानक खाना बनाते समय कुकिंग गैस के खत्म होने पर ऐसी गैस एजेंसी का नंबर होना चाहिए जहां पहुंचकर तत्काल गैस सिलेंडर मिल सके।
बच्चों की काउंसलिंग सेल क्यों जरूरी है
आज के समय में बच्चों की सही काउंसलिंग हो जाए तो वह अपने लक्ष्य को पाने में कामयाबी हासिल कर सकते हैं। इसके अभाव में आत्महत्याओं का जो दौर जारी है उस पर भी रोक लग सकेगी।
पुलिस हेल्प लाइन- 100 नंबर
-- उद्देश्य - आम जनता की मौके पर मदद
-- कब से शुरू - 20 साल हो चुके हैं।
-- औसत मामले - काफी आते हैं लेकिन फिलहाल अस्थाई रूप से बंद है।
महिला हेल्प लाइन- 1091
-- उद्देश्य - प्रताड़ना की शिकार महिलाओं की सहायता
-- कब से शुरू - 8 मार्च 2010 से
-- प्रतिदिन कितने मामले - 10 से 12
-- प्रभाव- प्रताड़ना की शिकार महिलाएं पूरे आत्मविश्वास के साथ मदद मांग सकती हैं।
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