लंदन। बाक्र्लेज पीएलसी ने मंगलवार को कहा कि उसके मुख्य कार्यकारी बॉब डायमंड ने तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। वैश्विक ब्याज के लिए मानक ब्याज दरों ‘लिबॉर और यूरीबॉर में हेरा-फेरी के मामले में पद छोड़ने का दबाव बढ़ रहा था। यूरोपीय बाजार की यह दरें बैंकों के बीच ऋण के लेन देन की दरें हैं। इससे पहले बाक्र्लेज के अध्यक्ष मार्कस एजियस ने इस्तीफा दिया था हालांकि वह उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक पद पर बने रहेंगे।
अमेरिका और ब्रिटेन सरकार द्वारा वैश्विक बेंचमार्क ऋण दर में हेरा-फेरी के मामले को सुलझाने के लिए बाक्र्लेज पर लगाए गए 29 करोड़ पाउंड के जुर्माने के बाद दोनों पर पद छोड़ने का दबाव था। पचास साल की वढेरा पिछली लेबर पार्टी की सरकार के प्रमुख आर्थिक सलाहकारों में रही हैं उन्होंने नंवबर 2008 में संयुक्त रूप से एक दस्तावेज ‘लिबॉर में कटौती’ तैयार की थी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन द्वारा इस मामले में सोमवार को जांच की घोषणा किए जाने के मद्देनजर इस दस्तावेज पर नजर है।
वढेरा का यह दस्तावेज ऋण संकट के चरम पर तैयार किया गया था और कथित तौर पर इसमें कहा गया है कि लिबॉर में कमी का बैकिंग प्रणाली में स्थिरता और अर्थव्यवस्था की स्थिति सुधारने में प्रमुख योगदान होगा। इसमें कहा गया कि लिबॉर कम होना वांछनी है। लेडी वढेरा के एक प्रवक्ता ने अखबरा डेली मेल से कहा कि उनकी रिपोर्ट बाजार में हेरा फेरी से बिल्कुल अलग विषय है। प्रवक्ता ने कहा कि उस समय सरकार के एक बड़ी चिंता था कि छोटे और मझोले उद्यमों को कर्ज कैसे मिले।
भारतीय को भी देना पड़ा इस्तीफा
बाक्र्लेज ने एक बयान में कहा डायमंड कंपनी से 16 साल तक जुड़े रहे और उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी और निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया। इसी प्रकरण में ब्रिटेन के भारतीय मूल की अर्थशास्त्री श्रीति वढेरा का नाम इस मामले में सामने आ रहा है जिससे ब्रिटेन के बैंक प्रभावित हुए हैं और बाक्र्लेज के शीर्ष नेतृत्व को ब्याज दर में हेरा-फेरी करने के आरोप में इस्तीफा देना पड़ा है। वढेरा ने पूर्व प्रधानमंत्री गार्डन ब्राऊन के साथ काम कर चुकी है।
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