इंदौर। पत्नी के साथ दरिंदगी करने वाले पति को गिरफ्तार करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। दूसरी ओर शहर भर में इस दरिंदगी को लेकर जबरदस्त आक्रोश है। महिला वकीलों का भी कहना है कि इस कृत्य ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी हैं, इसे तो इतनी कठोर सजा मिलना चाहिए कि दोबारा कोई दरिंदा ऐसा करने की हिम्मत नहीं करे। पुलिस को इस प्रकरण में इतना मजबूत केस बनाना चाहिए कि अमानवीय व्यवहार करने वाले पति को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
उल्लेखनीय है कि इदरिस नगर में रहने वाले सोहन पिता नत्थूसिंह चौहान को जब अपनी पत्नी के चरित्र पर शक हुआ तो उसने पत्नी के जिस्म को गोदकर गुप्तांग पर ताला लगा दिया। करीब साढ़े तीन साल तक महिला इस पीड़ा को झेलती रही। पीड़ित महिला के मुताबिक उसका पति जब उसकी बेटी पर नीयत खराब करने लगा तो वह सहन नहीं कर सकी। उसके बाद उसने जहर खा लिया। अस्पताल पहुंचने के बाद सच्चई सामने आई तो पुलिस के साथ ही डाक्टरों के भी होश उड़ गए। पुलिस ने तत्काल पति को गिरफ्तार कर लिया। तब पति ने कहा कि मेरे परिवार की 9 महिलाएं घर से भाग चुकी हैं। इस कारण मुझे ये डर लगा रहता था कि कहीं मेरी पत्नी भी किसी के साथ भाग नहीं जाए। ताला लगाने के बाद पति चाबी भी अपनी पेंट के पायचे में छिपाकर रखता था।
महिला वकीलों में आक्रोश
वैसे तो शहर भर में ही इस कृत्य के सामने आने के बाद आम लोगों में पति के प्रति जबरदस्त आक्रोश दिखाई दिया। महिला वकीलों का भी कहना था कि इस तरह की हरकत करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए।
उसके साथ भी वही हो
हाईकोर्ट वकील ज्योति माहेश्वरी कहती हैं कि आरोपी पति ने तो अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी हैं। इसके साथ भी वही सलूक होना चाहिए जो इसने पत्नी के साथ किया। इस दरिंदे ने जो किया है उसके लिए तो हर सजा छोटी है। समाज को भी ऐसे लोगों का बहिष्कार कर दिया जाना चाहिए। समाज एक ओर तो कहता है कि महिला-पुरुष एक समान है वहीं इस तरह महिलाओं पर अत्याचार के मामले सामने आते हैं।
मजबूत केस बनाए
हाईकोर्ट एडवोकेट अर्चला जोशी के मुताबिक पुलिस मजबूत सबूत और तथ्य जुटाना चाहिए। पुलिस मेडिकल के आधार पर ही धाराएं लगाएगी। इस तरह के कृत्य करने वाले को किसी भी सूरत में माफ नहीं किया जा सकता। अन्य स्थानों पर भी यदि महिला का पति या कोई अन्य पुरुष जुल्म करता है तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। संयोगितागंज पुलिस ने आरोपी सोहन के खिलाफ धारा 498 ए और 326 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। महिला की मेडिकल रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। इस मामले में हाईकोर्ट एडवोकेट प्रवीण रावल कहते हैं कि पति ने जो किया है वह बेहद शर्मनाक है। पुलिस को इस मामले में मेडिकल इनवेस्टीगेशन पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।