भोपाल। ..बहन से राखी बंधवाने अपने घर जा रहा हूं, सोच रहा था कि पहले निकल जाऊंगा बाद में रिजर्वेशन की समस्या आएगी। यह कहना है कि भोपाल से छिदंवाड़ा की ओर जा रहे राकेश द्विवेदी का। वे रक्षाबंधन पर्व मनाने अपने घर जाना चाहते हैं, लेकिन बस व ट्रेनें फुल होने से वह काफी देर तक परेशान होते रहे। हांलाकि भाई- बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन को अभी चार दिन शेष हैं, लेकिन शहर के प्रमुख स्टेशन बस अड्डों पर मुसाफिरों की खासी भीड़ देखी जा रही है। सबसे ज्यादा समस्या लंबी दूरी की यात्र करने वाले मुसाफिरों को उठाना पड़ रही हैं।
यहां के लिए सबसे ज्यादा परेशानी : जानकारी के मुताबिक यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा परेशानी इन शहरों की ओर जाने के लिए उठाना पड़ रही हैं। जिनमें मुख्य रूप से छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा, सतना, नौगांव, बालाघाट, जबलपुर, नरसिंहपुर और शहडोल की ओर जाने वाले यात्री शामिल हैं।
प्रायवेट वालों की चांदी
बस व ट्रेनों में जगह नहीं मिलने से यात्री प्रायवेट ट्रैक्सी की ओर रुख कर रहे हैं, टैक्सी वाले भी मुसाफिरों की परेशानी का फायदा उठा रहे हैं और अधिक राशि वसूल कर चांदी काट रहे हैं। धार निवासी धीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि बस में जगह नहीं मिलने से उन्होंने प्रायवेट टैक्सी से जाने का मन बनाया जब उन्होंने टैक्सी वाले से बात की तो उसने दोगने पैसे बताए।
बारिश से टूटा संपर्क
लगातार दो दिन से हो रही बारिश से छोटे नदी व नाले उफान पर आ गए हैं। जिसके चलते आसपास के शहरों का संपर्क टूट गया है। इसका सीधा खामियाजा सड़क मार्ग से यात्र करने वाले मुसाफिरों को उठाना पड़ रहा हैं जो रक्षाबंधन पर्व अपने घर जाना चाहते हैं।
बस स्टैंड व स्टेशनों पर गुजर रही रातें
बस व ट्रेनों में जगह न मिलने से यात्रियों को बस अड्डा व स्टेशन पर ही रात गुजरना पड़ रही हैं। आष्ट्रा निवासी विकास चौरसिया ने बताया वह ग्वालियर अपनी बहन को लेने जा रहे थे लेकिन ट्रेन में जगह न होने के कारण वह रात यहीं स्टेशन पर रुक गए अब अगली ट्रेन से जाएंगे। ऐसा ही हाल अन्य मुसाफिरों का था जो अपने-अपने शहरों की ओर जाना चाहते थे।
प्लेन का ही सहारा
हरीश रावत को ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिला तो उन्होंने हैदराबाद की ओर जाने के लिए प्लेन का सहारा लिया। ऐसा ही शंकुतला तिवारी ने बताया कि वह कई दिनों से रक्षाबंधन पर चेन्नई अपने बेटी के घर जाने के लिए ट्रेन में रिजर्वेशन के लिए चक्कर लगा रही थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली अंतत: प्लेन से जाने का प्लान बनाया।