सियोल । दक्षिण कोरिया ने सोमवार को घोषणा की है कि उसने खनिज संपदा से भरे हिंद महासागर में समुद्र में गहराई में खनिजों का पता लगाने और उनकी खुदाई का अधिकार प्राप्त कर लिया है। इससे दक्षिण कोरिया लगभग हर वर्ष 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य की धातुओं जैसे सोना, चांदी और तांबा का उत्पादन कर सकेगा।
सरकार ने बताया कि ‘अंतरराष्ट्रीय सीबेड प्राधिकरण’ ने पिछले सप्ताह ही सर्वसम्मति से यह स्वीकार किया कि दक्षिण कोरिया का हिंद महासागर में 10,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में खनिजों की खुदाई करने का अधिकार मान्य है। दक्षिण कोरिया के नौवहन मंत्रलय ने बताया कि इस क्षेत्र से सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और सीसा प्राप्त किया जा सकता है। दक्षिण कोरिया एशिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसकी अर्थव्यवस्था इलेक्टॉनिक, ऑटोमोबाइल, जहाज, मशीनरी, पेट्रोकेमिकल और रोबोटिक्स जैसे उत्पादों के निर्यात पर आधारित है।
चीन ने विवादित द्वीप पर तैनात किया गश्ती पोत
बीजिंग। दक्षिण चीन सागर में द्वीपसमूहों पर अधिकार के लिए समीपवर्ती देशों के साथ बढ़ते विवाद के बीच, चीन ने समुद्री संप्रभुता की सुरक्षा के प्रयासों के तहत अपना सबसे बड़ा और अत्याधुनिक गश्ती पोत मिशन पर तैनात कर दिया है। बीते सप्ताह के अंत में नए पोत हैक्सुन 01 को हुबेई प्रांत के वुहान से जल क्षेत्र में उतारा गया। शंघाई नौवहन ब्यूरो (एसएमबी) ने बताया कि यह पोत ऐसा पहला गश्ती पोत है जो नौवहन निगरानी और बचाव कार्य दोनों कर सकता है। इस पोत का प्रबंधन एसएमबी ही करेगा। सरकारी अखबार चाइना डेली की सोमवार की खबर में कहा गया है कि समुद्री संप्रभुता की रक्षा करने और अपने तटीय जल क्षेत्र में बचाव क्षमता को बढ़ाने के प्रयासों के तहत चीन ने यह कदम उठाया है। एसएमबी ने एक बयान में कहा है कि कुल 5,418 टन वजन का यह पोत समुद्र में लोगों को बचा सकता है, नौवहन विवाद की जांच कर सकता है और तेल के रिसाव पर नजर रख सकता है। |