भोपाल । प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का कहर जारी, कई जगह राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना की मदद ली जा रही है। मध्यप्रदेश के पश्चिम भाग में आगामी 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना से उज्जैन, इंदौर और भोपाल संभाग के कुछ जिले में बाढ़ की स्थिति विकरालरूप धारण कर सकती है।
शाजापुर में बुलाई सेना, दमोह में दो को बचाया
मक्सी, शाजापुर में भोपाल से सेना की टुकड़ी भेजी गई है। प्रभावित जिले में राहत शिविर चल रहे हैं, जिसमें करीब तीन हजार लोग हैं। वहीं दमोह के बटियागढ़ में जूडी नदी में वही तीन में से दो महिलाओं मंजू एवं सुहागरानी को बचा लिया गया है। रतिबाई अब भी लापता है।
जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
मंडला के नैनपुर की थावर नदी में उफान से सिवनी-मंडला मार्ग सहित केवलारी-उगली-बालाघाट मार्ग अवरूद्घ हो गया है। अनूपपुर जिले में नदी-नाले उफन पर हैं। कोतमा की केवई नदी पर बने पुल पर दो फीट से अधिक पानी बह रहा था। चंदास, तिपान, बकान, और सोन का जलस्तर भी बढ़ गया है।
श्योपुर का राजस्थान से टूटा सम्पर्क
अभी तक बारिश को तरस रहे शिवपुरी, श्योपुर, दतिया व मुरैना में सोमवार को बारिश हुई। श्योपुर के ग्रामीण क्षेत्र बरसात से पार्वती नदी उफान पर आ गई। जिससे खातौली के रास्ते राजस्थान का आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। पार्वती नदी खतरे के निशान काफी उपर बह रही है।
सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण
सोमवार को मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अति वृष्टि से प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया और इससे हुए नुकसान का जायजा लिया। उनके साथ मुख्य सचिव आर परशुराम और पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे भी थे। बाढ़ प्रभावित जिलों को राहत कार्यो के लिए 5-5 करोड़ अग्रिम रूप से उपलब्ध करवा दी गई है।
अब तक 11 की मौत
मुख्यमंत्री ने बताया कि वष्र की वजह से प्रदेश के 7 जिलों में 11 लोगों की मौत हुई है। इनमें चार होशंगाबाद, तीन उज्जैन, दो दमोह एवं एक-एक व्यक्ति की सीहोर एवं देवास जिले में मौत हुई है। मारे गए लोगों के परिवारों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपए मदद मंजूर की गई। |