मुंबई। जिस्म-2 की न्यूड सीन नहीं दिखाने का मामला अदालत पहुंच गया है। पोर्न स्टार सनी लियोनी की इस फिल्म के खिलाफ आरोप है कि फिल्म को चलाने के लिए जिस अश्लील दृश्य का सहारा लिया गया, उसका फिल्म से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। एक सामाजिक संस्था ने प्रोड्यूसर्स, स्क्रिप्ट लिखने वालों, कलाकारों और सेंसर बोर्ड के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
कानपुर में सृजनात्मक विकास समिति नाम की एक संस्था के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह गौतम के मुताबिक फिल्म जिस्म-2 के प्रचार-प्रसार के लिए एफएचएम मैगजीन के मई अंक के कवर पेज पर एक युवती का अश्लील फोटो छापा गया था। 3 अगस्त 2012 को जब फिल्म रिलीज हुई, तो उसमें इस सीन का कोई जिक्र नहीं था, इसलिए फिल्म के प्रचार के लिए आपत्तिजनक अश्लील दृश्य को माध्यम बनाकर भ्रम पैदा करना धोखाधड़ी की
Ÿोणी में आता है। इस मामले में सेंसर बोर्ड ने भी ए सर्टिफिकेट जारी कर दिया और अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया।
इन्हीं आरोपों के साथ संस्था ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 200 के तहत मामला दाखिल किया। इसमें फिल्म की प्रोड्यूसर-डायरेक्टर पूजा भट्ट, स्क्रिप्ट लिखने वाले महेश भट्ट, अभिनेत्री सनी लियोन को-प्रोड्यूस डीनो मोरिया और सेंसर बोर्ड को आरोपी बनाया गया है। कोर्ट ने मामले को बतौर शिकायत दर्ज भी कर लिया गया। 18 अगस्त को वादी के बयान दर्ज किए जाएंगे। |