ग्वालियर। शहर को पानी पहुंचाने वाला मोतीझील स्थित जलशोधन यंत्र (ट्रीटमेंट प्लांट) शनिवार को खुद ही पानी में डूब गया, जिससे शहर की पेयजल सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई। लश्कर
मुरार में पानी नहीं पहुंचा, वहीं उपनगर ग्वालियर में चार घंटे देरी से पानी पहुंचा, जिसका प्रेशर भी काफी कम था। मोतीझील स्थित ट्रीटमेंट प्लांट पर रात्रि में बिजली का फोल्ट होने से पंप डूब गया तथा वैक्यूम की मोटर डूब गई, जिससे पूरे प्लांट में पानी भर गया। सुबह पांच बजे प्लांट पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची, जो दोपहर ढाई बजे तक प्लांट का पानी निकालने में लगी रही। बिजली कर्मचारी फॉल्ट ढूंढने में लगे रहे लेकिन उन्हें दोपहर में जाकर कामयाबी मिली, लेकिन तब तक लश्कर, मुरार में सप्लाई का समय निकल चुका था, जिसकी वजह से लश्कर एवं मुरार की जनता को शनिवार को मोतीझील प्लांट से तिघरा जलाशय का पानी नहीं मिल सका। उपनगर ग्वालियर में पानी की सप्लाई चार घंटे की देरी से हुई, लेकिन पानी गंदा और काफी कम प्रेशर से आया।
नलों में आ रहा है गंदा पानी
ग्वालियर। गंदे पानी की समस्या को लेकर पिछले कई दिनों से परेशान उपनगर के लोगों को आक्रोश शनिवार को फूट पड़ा। वार्ड क्रमांक 31 के वाशिंदों ने गंदे पानी को लेकर तानसेन जोन पर प्रदर्शन किया, जिसके बाद निगम प्रशासन की नींद टूटी।
सीवर सफाई नहीं होने की वजह से वार्ड क्रमांक 31 में कई दिनों से गंदा पानी आ रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने स्थानीय पार्षद से लेकर निगम अधिकारियों से गुहार लगाई,लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई, तो उन्हें शनिवार को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा। गंदे पानी की समस्या से आक्रोशित क्षेत्रीय लोगों ने तानसेन नगर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जनता के प्रदर्शन की खबर सुनते ही क्षेत्रीय पार्षद राजेश सिंह भदौरिया एवं विधायक प्रधुम्न सिंह तोमर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोगों में भारी गुस्सा था। उनका कहना था कि जब तक उनकी समस्या हल नहीं होगा, वे यहां से नहीं जाएंगे। इसके बाद विधायक तोमर ने पीएचई एवं निगम अधिकारियों को मौके पर बुलाया और समस्या को तुरंत हल करने के निर्देश दिए। जिसके बाद पीएचई के अधिकारियों ने सीवर सेक्शन मशीन बुलाकर सीवर सफाई शुरू कर दी तथा निगम ने गड्ढ़े लगाकर लीकेज बंद करना शुरू कर दिया।
प्रॉपर मेंटीनेंस नहीं
ट्रीटमेंट प्लांट में पानी भरने की खबर लगते ही विपक्ष के पार्षद तुरंत मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्लांट के इंजीनियरों से प्लांट में बार-बार आ रही खराबी को लेकर सवाल-जबाव किए और कहा कि शहर की जनता को पानी पिलाने के मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होना चाहिए। प्लांट में समय पर मेंटेनेंस नहीं हो रहा है जिससे बार बार इलेक्ट्रिक फॉल्ट हो रहे हैं।
..इसलिए गड़बड़ाती है पेयजल सप्लाई
मोतीझील प्लांट पर एक ही ट्रांसफार्मर से नए एवं पुराने दोनों ट्रीटमेंट प्लांट चलाए जा रहे हैं, जिससे जब भी प्लांट में बिजली का फॉल्ट होता है, शहर के लोग पानी को परेशान हो जाते हैं। गौरतलब है कि पहले नए एवं पुराने प्लांट के लिए अलग-अलग ट्रांसफार्मर थे। मोतीझील प्लांट पर पहले एक वैकेल्पिक पंप हमेशा तैयार रहता था, लेकिन काफी लंबे समय से यह पंप खराब पड़ा है, जिससे पंप में खराबी अथवा विद्युत फॉल्ट आने से पेयजल सप्लाई गड़बड़ा जाती है। |