इस्लामाबाद। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ग्यारह सांसदों को दोहरी नागरिकता रखने के आरोप में अयोग्य करार दे दिया। इसमें पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब इन सांसदों को भी मुमकिन है कि अपने पद से इस्तीफा देना पड़ जाए। कोर्ट ने सीनेट को इस बाबत पंद्रह दिन में रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश दिया है। इसके अलावा सभी सांसदों को लिखित में यह देना होगा कि उनके पास दोहरी नागरिकता नहीं है। पाक के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक के पास ब्रिटेन की भी नागरिकता है।
नहीं चलेगी दोहरी नागरिकता
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश इन सांसदों की दोहरी नागरिकता रखने के खिलाफ दिया है। प्रमुख न्यायधीश इफ्तिखार चौधरी ने आदेश देते हुए कहा कि इस मामले में किसी सूरत से भी समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी सांसद को यह अधिकार नहीं है कि वह दोहरी नागरिकता रख सके।
कई अधिकारियों की होगी छुट्टी: दोहरी नागरिकता रखने वाला कोई भी इंसान पाक में किसी सरकारी पद पर नहीं रह सकेगा। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह इन सांसदों को मिलने वाला वेतन रोक दे और उसको राष्ट्रीय राजकोष में जमा करवाए।
पहले पीएम पर गिरी थी गाज
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को भी अयोग्य करार दे चुका है, जिसके बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट के अयोग्य करार दिए जाने के बाद वह पांच वषरे तक चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।