• 14 साल की लड़की को बंधक बना 1000 लोगों से बनवाया शारीरिक संबंध
  • प्रशांत भूषण को पीटने वाले को बीजेपी ने बनाया प्रवक्ता
  • राजस्थान: लैंडिंग से पहले बाड़मेर में क्रैश हुआ सुखोई, दोनों पायलट सुरक्षित
  • 'लालू परिवार' हुआ रघुवंश से नाराज, राबड़ी ने बयान को बोला फूहड़
  • गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र को पांचवां प्रांत घोषित करने की तैयारी में पाकिस्तान
  • सिद्धू को मिल सकता है कांग्रेस से झटका, अमरिंदर नहीं चाहते कोई डिप्टी CM
  • लोकसभा में भाजपा सांसदों ने किया पीएम मोदी का स्वागत, लगे 'जयश्री राम' के नारे
  • पंजाब और गोवा विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी में फूट के आसार!
तय होनी चाहिए अल्पसंख्यक की परिभाषा
तय होनी चाहिए अल्पसंख्यक की परिभाषाभारत में अल्पसंख्यक कौन हैं? यह सवाल अकसर उठता रहता है, लेकिन इसका माकूल जवाब अब तक नहीं मिल सका है। सुप्रीम कोर्ट में अब जम्मू-कश्मीर के एक वकील द्वारा दायर की गई याचिका में इस संबंध में भाषा और धर्म के आधार पर अल्पसंख्यक समुदाय की पहचान को परिभाषित करने की मांग की गई है। चूंकि 2011 की जनगणना के में मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में 68 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिमों की है।
शिवसेना का गलत सुझाव
शिवसेना का गलत सुझावमहाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने अलहदा राह जब से चुनी है, तब से शिवसेना में हलचल साफ देखी जा रही है। बदले हालात में शिवसेना भारतीय जनता पार्टी को चिढ़ाने का एक भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का नाम राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित करना भी दरअसल शिवसेना की उसी प्रवृत्ति का विस्तार माना जा सकता है।
आखिर कब मिटेगी लालच की भूख!
आखिर कब मिटेगी लालच की भूख!वर्ष-2015 में अपनाए गए 169 टिकाऊ विकास लक्ष्यों के साथ दुनिया से वर्ष-2020 तक गरीबी और भूख को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। भारत ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम बना रखा है, जिसके तहत 9.94 करोड़ परिवार प्रति माह प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम सब्सिडी वाले अनाज के हकदार हैं। स्कूलों में मिड-डे मील यानी मध्याह्न् भोजन योजना के तहत प्राथमिक और ऊपरी प्राथमिक कक्षाओं में छात्रों को
शुभ लाभ का आर्षशक्ति-पर्व है नवरात्र
शुभ लाभ का आर्षशक्ति-पर्व है नवरात्रभारतीय संस्कृति, शक्ति-उपासना व शौर्य-सिद्धि से आनंदकामी है। दतिया की वंदनीय पीतांबरापीठ में जब प्रात: स्मरणीय राष्ट्रगुरु ब्रह्मलीन स्वामीजी महाराज विराजते थे, तब वहां शक्ति की अवधारणा और नवरात्र संवत्सर को लेकर व्यावहारिक चर्चा होती थी। स्वामीजी कहते थे कि चैत्रमास के शुक्ल पक्ष से नवरात्र का प्रारंभ होना हमारे कृषि प्रधान समाज के उदात्तीकृत हषरेल्लास का द्योतक है।
लालू के ट्वीट के निहितार्थ
लालू के ट्वीट के निहितार्थउत्तरप्रदेश के नतीजों ने उस विपक्षी राजनीति को चिंतित कर दिया है, जो करीब डेढ़ दशक पहले तक कांग्रेस का राष्ट्रीय विकल्प मानी जाती थी। कांग्रेस विरोधी विपक्ष की धुरी रहा जनता परिवार अब खंड-खंड हो चुका है। बेशक दो राज्यों ओडिशा और बिहार में उसकी सरकारें हैं, लेकिन इस परिवार में वह ताकत नहीं बची, जिससे कभी वह कांग्रेस को चुनौती दे पाता था।
जीडीपी ने नोटबंदी पर लगाई मुहर
जीडीपी ने नोटबंदी पर लगाई मुहरप्रधानमंत्री द्वारा आठ नवंबर 2016 को की गई विमुद्रीकरण की घोषणा के बाद अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव पर राजनीतिक गलियारों से लेकर वैश्विक थिंक टैंक के बीच एक लंबी बहस हुई थी। इसी विषय पर पूर्व प्रधानमंत्री एवं अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी कहा था कि आने वाले कुछ माह में विमुद्रीकरण एक विशाल त्रसदी में परिणत हो सकता है। कमोबेश डॉ. मनमोहन सिंह का समर्थन करने के अंदाज में
गिलगिट-बाल्टिस्तान को हड़पने की साजिश
गिलगिट-बाल्टिस्तान को हड़पने की साजिशपाकिस्तान ने गिलगिट-बाल्टिस्तान को नया पांचवां प्रांत बनाने का प्रस्ताव पारित करके भारतीय अखंडता के विरुद्ध साजिश रची है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा है कि गिलगिट-बाल्टिस्तान और पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा हैं और रहेंगे। पाकिस्तान का यह प्रस्ताव शिमला-समझौते के खिलाफ भी है।
हजरत उमर की भावना
हजरत उमर की भावनाहजरत उमर उन दिनों खलीफा थे। उन्होंने अपने सभी सरदारों को हिदायत दी थी कि जब भी कोई आदमी अपना काम लेकर पहुंचे, उसका काम तुरंत कर दिया जाए। इशरत नाम के सरदार के घर एक आदमी एक शुक्रवार को आधी रात को जा पहुंचा। दरवाजा खटखटाने पर उसने अंदर से कह दिया-इतनी रात को वह बाहर नहीं आ सकता। उसने माफी मांगते हुए दूसरे दिन मिलने आने को कहा।
हमें खुद ही लड़नी है अपनी लड़ाई
हमें खुद ही लड़नी है अपनी लड़ाईराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अमेरिका यात्र के दौरान अमेरिकियों ने हमें एक मीठी गोली फिर पकड़ा दी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस, गृह मंत्री जॉन कैली और सुरक्षा सलाहकार एचआर मैक्मास्टर के अलावा अजीत डोभाल जितने भी अमेरिकी नेताओं-अफसरों से मिले, सभी ने एक स्वर में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका भारत का घनिष्ठ सहयोगी है
बुजुर्गो को आयकर में राहत असंभव
बुजुर्गो को आयकर में राहत असंभवहमारे देश में 24 जुलाई-1860 में सबसे पहले आयकर कानून लागू किया गया था। हालांकि, भारत में आयकर देने की अवधारणा इससे भी ज्यादा पुरानी है। कौटिल्य द्वारा ईसा पूर्व रचित अर्थशास्त्र में आयकर का जिक्र कई बार किया गया है। बावजूद इसके, भारत में आयकर देने वालों की संख्या अब भी लगभग एक फीसदी है। इस संदर्भ में सबसे बड़ा विरोधाभास देश के क्रीमीलेयर द्वारा आयकर देने से परहेज करना
योगी को काम करने का मौका दे विपक्ष
योगी को काम करने का मौका दे विपक्षयह एक स्थापित परंपरा है कि नई सरकार को काम करने का कुछ अवसर मिलना ही चाहिए। प्रारंभ के कुछ महीने पराजित पार्टियों के लिए समीक्षा एवं सत्तापक्ष के लोगों को शासन-प्रशासन को समझने में लगाने चाहिए। उत्तरप्रदेश की योगी सरकार अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वहन करती दिखाई दे रही है, पर बसपा, कांग्रेस जैसे दल जनादेश का सम्मान नहीं कर रहे हैं।
सरकार की पहल पर भेजा सवाल
सरकार की पहल पर भेजा सवालकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह नया आयोग बनेगा, जिसका नाम सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ा वर्ग आयोग होगा व उसे उसी तरह संवैधानिक दर्जा भी दिया जाएगा, जिस तरह अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को मिला हुआ है। फैसला यह भी किया गया है कि किस जाति को पिछड़ा माना जाए या नहीं, यह निर्णय आयोग नहीं, बल्कि संसद करेगी।
राज्यसभा के प्रश्नकाल का प्रश्न
राज्यसभा के प्रश्नकाल का प्रश्नबीस मार्च की तारीख को संसद के इतिहास में एक संदर्भ के रूप में याद किया जाएगा। इसे दृश्य के रूप में इस प्रकार देखा जा सकता है.। सभापति-प्रश्न संख्या 188। प्रश्नकर्ता मौजूद नहीं है। प्रश्न का जवाब सदन पटल पर रखा जाए। क्या मंत्री उपस्थित है? जयराम रमेश-महाशय, मंत्रीजी मौजूद नहीं हैं।
तंबाकू-गुटखा पर प्रतिबंध उम्दा पहल
तंबाकू-गुटखा पर प्रतिबंध उम्दा पहलउत्तरप्रदेश में सरकारी दफ्तरों में पान, गुटखा और तंबाकू पर प्रतिबंध लगाकर एक सकारात्मक फैसला लिया गया है। इस निर्णय का बड़ा असर न सिर्फ लोगों की सेहत, बल्कि सरकारी दफ्तरों की स्वच्छता पर भी पड़ेगा। हाल ही में उत्तरप्रदेश के नवनिर्वाचित सीएम आदित्यनाथ योगी ने सरकारी कार्यालयों में पान, गुटखा व तंबाकू खाने पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं।
आतंकवाद: बंद हो भाषणबाजी
आतंकवाद: बंद हो भाषणबाजीयूरोपीय देश फ्रांस ने जिस तरह के हमले झेले हैं, ब्रिटेन की राजधानी लंदन में वैसा खतरनाक आतंकी हमला तो नहीं हुआ है, लेकिन आतंकी समेत पांच की मौत और 40 नागरिकों का बुरी तरह घायल होना भी कोई छोटी घटना नहीं है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे का यह कहना सही है कि आतंकवादी का मकसद आम लोगों का खून बहाना नहीं था, बल्कि वह संसद में घुसकर ब्रिटेन की
वैचारिक स्तर पर प्रारंभ हो लड़ाई
वैचारिक स्तर पर प्रारंभ हो लड़ाईजो लोग कह रहे थे कि आईएस अब कमजोर पड़ गया है, उसका जल्दी ही खात्मा हो जाएगा और दुनिया आतंकवाद से महफूज हो जाएगी, उनके लिए लंदन में कार से हुआ आतंकवादी हमला किसी झटके से कम नहीं है। इस हमले में चार लोग मारे गए हैं, संसद में घुसने की कोशिश में आतंकी स्वयं मारा गया है, मगर यह आतंकवाद पर कोई बड़ी जीत नहीं है।
महिलाओं के प्रति सकारात्मक हो समाज
महिलाओं के प्रति सकारात्मक हो समाजमध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की स्थापना दिवस के इस अवसर पर राज्य महिला आयोग अपने अधिकारों के लिए लड़ने वाली सभी महिलाओं का हार्दिक अभिनंदन करता है। राज्य महिला आयोग के उत्तरदयित्व को ग्रहण करने के पश्चात मध्यप्रदेश में महिलाओं के उन्नयन, महिलाओं के विकास, उनकी स्वतंत्रता, उनकी निजता को बरकरार रखने एवं उ
काश! एनआईए तब कुशल होती
काश! एनआईए तब कुशल होतीएनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की जयपुर की विशेष अदालत ने अजमेर शरीफ दरगाह में हुए बम विस्फोट के दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाकर वैसा ही दूध का दूध और पानी का पानी वाला न्याय किया है, जिसके लिए भारतीय न्यायपालिका पहचानी जाती है। गौरतलब है कि सूफी संत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की अजमेर स्थित दरगाह में 11 अक्टूबर-2007 की शाम उस वक्त
समाजवादी क्रांति चाहते थे भगत सिंह
समाजवादी क्रांति चाहते थे भगत सिंहआज से 86 वर्ष पूर्व 23 मार्च-1931 को हमारे देश के महान क्रांतिकारी भगत सिंह को फांसी की सजा दी गई थी। उनके साथ ही दो अन्य क्रांतिकारियों राजगुरु व सुखदेव को भी फांसी की सजा दी गई थी। उस समय भगत सिंह की आयु 24 वर्ष थी। वे एक क्रांतिकारी तो थे ही, साथ ही एक महान चिंतक भी थे। उन्होंने दो फरवरी-1931 को युवा क्रांतिकारी साथियों को संबोधित करते हुए
ट्रंप को मिल गया ब्रिटेन का समर्थन
ट्रंप को मिल गया ब्रिटेन का समर्थनअमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन व न्यायपालिका के बीच शह-मात का खेल चालू है। ट्रंप ने पहले तो सात मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका में आगमन पर रोक लगाई थी एवं जब अदालत ने इसे खारिज कर दिया, तो उन्होंने नए सिरे से छह मुस्लिम देशों के नागरिकों पर रोक लगा दी थी और माजरा यह है कि अदालत ने इसे भी खारिज कर दिया।
कोर्ट का सुझाव मानें दोनों पक्ष
कोर्ट का सुझाव मानें दोनों पक्षदेश के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस खेहर ने अयोध्या विवाद के समाधान का जो रास्ता सुझाया है, उस पर दोनों पक्षों को गौर करना चाहिए। दरअसल, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने यह अनुरोध किया था कि अदालत मंदिर-मस्जिद विवाद की सुनवाई प्रारंभ करे और रोज सुनवाई करके जल्दी फैसला दे, ताकि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का निर्माण हो सके।
संभव है गैर-भाजपावाद का आगाज
संभव है गैर-भाजपावाद का आगाजपांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद एक सवाल फिजाओं में तैरने लगा है कि अब 2019 में क्या होगा? क्या वह लोकसभा चुनाव विपक्ष के सभी राजनीतिक दल मिलकर लड़ेंगे या फिर वे भाजपा के खिलाफ अलग-अलग खम ठोंकेंगे? वैसे तो इस तरह के सवाल कई जानकार उठा रहे थे, पर ये तीखे रूप में तब सामने आए, जब कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा
संतोषी समाज में असंतोष आखिर क्यों?
संतोषी समाज में असंतोष आखिर क्यों?नॉर्वे ने डेनमार्क को पीछे छोड़कर दुनिया के सबसे खुशहाल देश का कीर्तिमान पा लिया है। पिछले वर्ष नॉर्वे चौथे स्थान पर था। रिपोर्ट के मुताबिक यहां लोगों में परस्पर भरोसा बना हुआ है। लोगों में एक ही लक्ष्य को प्राप्त करने की स्पर्धा के बावजूद उदारता कायम है। नॉर्वे के आलावा डेनमार्क, आइसलैंड, स्विट्जरलैंड, फिनलैंड, नीदरलैंड, कनाडा, न्यूजीलैंड,
अपनी गिरेबां में नहीं झांकते वे
अपनी गिरेबां में नहीं झांकते वेयोगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद अमेरिकी और पाकिस्तानी मीडिया में जो प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उन्हें देख-सुनकर यही मुहावरा याद आता है कि सूप तो सूप, छलनी भी बोले, जिसमें लाखों छेद..। इस मुहावरे का मतलब यह है कि उन लोगों को दूसरों की तरफ उंगली उठाने का नैतिक अधिकार नहीं होता, जो स्वयं गलत हों।
ट्रंप के दबाव में नाटक करते नवाज
ट्रंप के दबाव में नाटक करते नवाजदुनिया की सियासी फिजां बदल सी रही है। इसे कट्टरता का उदार होना कहें या हालातों की मजबूरी, पर सच यही है कि भारत से अमेरिका तक सियासत पर जिस तरह से स्पष्ट धार्मिक रुझानों वाले लोकप्रिय नेताओं का कब्जा हुआ है, उसने अब तक के सबसे खुर्राट समझे जाने वाले कट्टरपंथी मजहबी देशों के नेताओं की नींद उड़ा दी है। अधिकांश खाड़ी देश तो पहले से ही अपनी सुरक्षा और व्यावसायिक हितों के चलते
गोवा और मणिपुर में विकास कार्य कठिन!
गोवा और मणिपुर में विकास कार्य कठिन!पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हुए थे, जिनमें से केवल पंजाब ही कांग्रेस के पास गया, शेष चारों सूबों में भाजपा की सरकारें बन चुकी हैं। उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में तो इस पार्टी के पास दो-तिहाई से भी ज्यादा बहुमत था, पर गोवा एवं मणिपुर में भी भाजपा की ही सरकारें बनी हैं। अब बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली मणिपुर की भाजपा सरकार ने विधानसभा में भी अपना बहुमत सिद्ध कर दिया है
उत्तम व्यक्ति के लक्षण
उत्तम व्यक्ति के लक्षणएक बार की बात है, गौतम बुद्ध अपने कुछ शिष्यों के साथ एक शहर में प्रवास कर रहे थे। उनके वे शिष्य वह शहर घूमने निकले, तो लोगों ने उन्हें बहुत बुरा-भला कहा। वे क्रोध में भरकर बुद्ध के पास लौटे। बुद्ध ने पूछा, क्या बात है, आप सब तनाव में क्यों हैं। उनका एक शिष्य बोला, हमें यहां से तुरंत प्रस्थान कर देना चाहिए, क्योंकि वहां रहना उचित नहीं है, जहां पर हमारा सम्मान न हो।
योगी की योग्यता की परीक्षा प्रारंभ
योगी की योग्यता की परीक्षा प्रारंभगोरक्ष पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। दो उपमुख्यमंत्रियों-केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा समेत उनके मंत्रिमंडल में कुल 44 सदस्य हैं। चूंकि चुनाव में भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था, इसलिए उस पर ध्रुवीकरण करने का आरोप लगता रहा था, जिसे अब धो दिया गया है, मोहसिन रजा को मंत्रिमंडल में शामिल करके।
कैप्टन बदल देंगे पंजाब की दिशा
कैप्टन बदल देंगे पंजाब की दिशापंजाब में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव से अगर कोई व्यक्ति कोई निष्कर्ष निकालना चाहता है तो वह आपस में गुंथे यह तीन सवाल कर सकता है। पहला, शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन क्यों हारा? दूसरा, आम आदमी पार्टी की जीत क्यों नहीं हुई और तीसरा कांग्रेस कैसे जीती? इन सब बातों का जवाब इस सहजबोध में है कि पंजाब में कांग्रेस की जीत असल में उसकी नहीं है
चीन का डर अपनी जगह एकदम सही
चीन का डर अपनी जगह एकदम सहीउत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों की धमक वैसे तो पूरी दुनिया में सुनी जा रही है, पर चीन में इसकी अनुगूंज कुछ खास ही है। चीन का मीडिया इतना भयभीत है कि उसके द्वारा लगातार टिप्पणियां की जा रही हैं कि भारत में भाजपा की ताकत बढ़ने से दोनों देशों के संबंधों में और भी तनाव फैल सकता है। चूंकि नरेंद्र मोदी के साथ उनके देश की जनता है, सो वे अब झुकेंगे नहीं।
निर्मल मन से दें दान
निर्मल मन से दें दानएक बार चीन के चांग चू प्रदेश में वहां के एक महंत ने भगवान बुद्ध की एक प्रतिमा बनवाने के लिए धन इकट्ठा करने के प्रयोजन से अपने शिष्यों को घर-घर भिजवाया। लोगों ने श्रद्धानुसार धन दिया। वे अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग लोगों से धन एकत्र कर रहे थे। एक शिष्य को एक छोटी सी बालिका मिली। बालिका का नाम तिन-नू था।
जीएसटी की ओर एक और कदम
जीएसटी की ओर एक और कदमजीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर) एक जुलाई से लागू होने की उम्मीद अब कुछ ज्यादा पुख्ता हो गई है। दरअसल, गुरुवार को हुई जीएसटी परिषद की बैठक में इसकी राह के दो प्रमुख अड़ंगे हटा दिए गए हैं। उसने केंद्रीय व एकीकृत जीएसटी विधेयकों के प्रारूप को तो अपनी पिछली बैठक में ही मंजूरी दे दी थी और उसी के बाद से यह सवाल पूछा जा रहा था
ईवीएम पर संदेह करना सही नहीं
ईवीएम पर संदेह करना सही नहींईवीएम विवाद एक बार फिर गरम हो उठा है। साल 1982 से जब से ईवीएम का इस्तेमाल शुरू हुआ है, तब से इस पर विवादों के छींटे पड़ते रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने बार-बार साफ किया है कि यह व्यवस्था सुरक्षित और चाक-चौबंद है। ईवीएम का निर्माण इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (परमाणु ऊर्जा विभाग का उद्यम) व भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
राजनीति में युवाओं की भूमिका का प्रश्न
राजनीति में युवाओं की भूमिका का प्रश्नयह तथ्य हमारे लगभग सभी नेता दोहराते हैं कि हम एक युवा देश हैं और जब वे ऐसा कहते हैं, तो वह कुल मिलाकर देश की युवा आबादी की ही बात कर रहे होते हैं। उनकी यह बात सच भी होती है। एक मोटा अनुमान यह है कि हमारे देश में करीब 52 करोड़ युवा मतदाता हैं। इनकी उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच है। अगर इस संख्या में 36 से 45 वर्ष की उम्र के लोगों को भी जोड़ लें तो मतदाताओं की यह संख्या बढ़कर 61
जीवों पर दया सबसे बड़ा धर्म
जीवों पर दया सबसे बड़ा धर्मराजा भोज स्वयं तो बड़े विद्वान थे ही, वे अन्य विद्वानों का भी खूब सम्मान करते थे। एक बार उनकी सभा में बाहर के विद्वान आमंत्रित किए गए। राजा भोज ने उन सभी से आग्रह किया-आप सभी विद्वान अपने जीवन में घटित कोई आदर्श घटना एक-एक करके सुनाएं। बस फिर क्या था, सभी विद्वानजनों ने अपनी-अपनी आपबीती भोज को कह सुनाई।
कैप्टन के सामने चुनौतियां अनेक
कैप्टन के सामने चुनौतियां अनेकजनाकांक्षाओं का बोझ अगर राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी के बोध से न भर सके तो सियासत ही नहीं, लोक अपेक्षाएं भी कमजोर हो जाती हैं। जवाबदेही और जिम्मेदारी के बोध से रहित राजनीतिक दल सिर्फ लोक अपेक्षाओं को ही प्रभावित नहीं करते, अंतत: लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी नकारात्मक असर डालते हैं। इस लिहाज से देखें,
देश नाहिद आफरीन के साथ है
देश नाहिद आफरीन के साथ हैआज भले ही हम 21वीं सदी में प्रवेश कर चुके हों, चांद पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हों, मगर दूसरा सच यह है कि पूरी दुनिया में धार्मिक कट्टरता बढ़ती चली जा रही है। कहने में यह बात बुरी लग सकती है, मगर मुस्लिमों में अपने धर्म के प्रति कुछ ज्यादा ही कट्टरता है। कारण यही है कि उन्हें देख-देखकर दूसरे समुदाय भी कट्टर होते चले जा रहे हैं।
जल्दी से जल्दी हो कांग्रेस में बदलाव
जल्दी से जल्दी हो कांग्रेस में बदलावपांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सबसे पहली प्रतिक्रिया यह रही कि अब पार्टी के संगठन में ढांचागत बदलाव किया जाएगा। देश के वे लोग भी, जिनकी लोकतंत्र में आस्था है और जो इस समय या तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक हैं या फिर भाजपा के, यह नहीं चाहेंगे कि कांग्रेस इतनी कमजोर हो जाए कि वह विपक्ष की भूमिका निभाने लायक न रहे।
न्यायिक नियुक्ति का रास्ता साफ
न्यायिक नियुक्ति का रास्ता साफअब सर्वोच्च और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति का रास्ता आसान हो गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेएस खेहर की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने वह मेमोरेंडम ऑफ प्रोसिजर (एमओपी) स्वीकार कर लिया है, जो सरकार ने उनके पास विचार के लिए भेजा था। बताते चलें कि अक्टूबर-2015 में सुप्रीम कोर्ट की जिस संविधान पीठ ने सरकार द्वारा बनाए गए
शालीनता से स्वीकार करें हार
शालीनता से स्वीकार करें हारउत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी अपनी करारी हार को पचा नहीं पा रही हैं। अखिलेश यादव तो इस हार को शालीनता पूर्वक स्वीकार करने की बजाय कह रहे हैं कि चुनाव में वोट समझाने से नहीं, बरगलाने से मिलते हैं। वहीं, मायावती ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी को अपनी पराजय की वजह बता रही हैं। कांग्रेस भी मायावती के इस राग में शामिल हो गई है।
हमारा आर्थिक पैमाना शेयर बाजार नहीं
हमारा आर्थिक पैमाना शेयर बाजार नहींमंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों में एक ऊंची छलांग देखी गई। उस दिन घरेलू और विदेशी फंडों ने जो खरीदारी की, वह ऐतिहासिक थी। विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी तो चार हजार करोड़ को पार कर गई थी। यह स्वाभाविक भी था। उत्तरप्रदेश में भाजपा की भारी-भरकम जीत के बाद देशी-विदेशी निवेशकों में यह भरोसा बढ़ा है कि मोदी सरकार मजबूत हो गई है
कांग्रेस के लिए सबक है गोवा
कांग्रेस के लिए सबक है गोवासुप्रीम कोर्ट ने गोवा के मुख्यमंत्री पद के लिए मनोहर पर्रिकर के शपथ ग्रहण पर रोक न लगाकर ठीक ही किया है। हालांकि, उसने उन्हें 16 मार्च को 11 बजे विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने का निर्देश दिया है, मगर इसे भाजपा के लिए झटका मानना सही नहीं होगा। मनोहर पर्रिकर को रक्षा मंत्री के पद से हटाकर गोवा का मुख्यमंत्री बनाया ही इसलिए गया है
छत्तीसगढ़ में हाथियों की घर वापसी
छत्तीसगढ़ में हाथियों की घर वापसीअविभाजित मध्यप्रदेश के छत्तीसगढ़ में हाथियों के उत्पात की खबर मैंने सर्वप्रथम अस्सी के दशक के अंत में सुनी थी। वर्ष-1988 में ये जशपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर मनोरा ग्राम में देखे गए थे। जनवरी-1989 में गजराजों का एक झुंड सरगुजा जिले के कुसमी इलाके में देखा गया। जनवरी-1990 में ये जशपुर-सरगुजा सीमा पर सिविलदाग ग्राम के आसपास देखे गए।
तेजी से न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी
तेजी से न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ीसुप्रीम कोर्ट का कहना है कि दूसरी अन्य सेवाओं की तरह न्यायिक सेवाएं सिर्फ कानूनी सेवा नहीं हैं। ये तो समाज की सेवा का मिशन हैं। अगर कतारों में खड़े लोगों की लंबे समय तक बारी नहीं आती है तो इस सेवा का उद्देश्य हासिल नहीं होगा। वाकई हर व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है। हालांकि, यह मूल अधिकारों में शामिल नहीं है,
संघर्ष की मिसाल दोस्तोयेव्स्की
संघर्ष की मिसाल दोस्तोयेव्स्कीफ्योदोर दोस्तोयेव्स्की रूस के लेखक थे। उनका शुरुआती जीवन बेहद दुखद रहा। जब वे मात्र तेरह वर्ष के थे, तभी उनकी मां की मृत्यु हो गई। 18 वर्ष के हुए तो नौकरों ने उनके पिता की हत्या कर दी। इसके बाद उन्हें मिरगी के दौरे पड़ने लगे। एक दिन एक दौरे में उनकी दायीं आंख फूट गई। उनके सामने न तो परिवार था और न ही कोई प्रेरणा।
प्रचंड चुनौतियां लेकर आई जीत
प्रचंड चुनौतियां लेकर आई जीतपांच राज्यों के चुनाव नतीजों में भाजपा के लिए सबसे ज्यादा खास उत्तरप्रदेश रहा, जहां उसने विधानसभा की 403 में से 312 सीटें जीत ली हैं। वैसे उत्तराखंड के नतीजों को भी भाजपा के लिए खास माना जा सकता है, लेकिन वहां ये वैसे ही आए हैं, जैसे की उम्मीद थी। अलबत्ता, उत्तरप्रदेश के नतीजे जैसे आए हैं, उस तरह की उम्मीद तो खुद भाजपा को भी नहीं रही होगी।
मोदी ने बदला राजनीति का मिजाज
मोदी ने बदला राजनीति का मिजाजपांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणामों को यदि राज्यवार देखा जाए तो कांग्रेस और भाजपा के लिए मिले-जुले ही कहे जा सकते हैं, लेकिन उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत ने राष्ट्रीय परिदृश्य पर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी एवं भाजपाध्यक्ष अमित शाह को निर्विवाद स्वीकृति दे दी है। खासतौर पर भाजपा को मिली यह विराट विजय मोदी
सामाजिक समरसता को बढ़ाती है होली
सामाजिक समरसता को बढ़ाती है होलीहोली शायद दुनिया का एकमात्र ऐसा त्यौहार है, जो सामुदायिक बहुलता की समरसता से जुड़ा हुआ है। इस पर्व में मेल-मिलाप का जो आत्मीय भाव अंतर्मन से उमड़ता है, वह सांप्रदायिक अतिवाद और जातीय जड़ता को भी ध्वस्त करता है। फलस्वरूप किसी भी जाति का व्यक्ति उच्च जाति के व्यक्ति के चेहरे पर गुलाल मल सकता है और गरीब से गरीब व्यक्ति भी धनकुबेर
संभव हो सकता है असंभव कार्य
संभव हो सकता है असंभव कार्यएग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद उत्तरप्रदेश में एक अलग तरह की राजनीतिक सरगर्मी शुरू हो गई है और यदि मतगणना के परिणाम एग्जिट पोल के नतीजों से मेल खाते हैं तो वह प्रयास किया भी जा सकता है, जिसके कयास लगाए जा रहे हैं। कयास तब शुरू हुए, जब अखिलेश यादव ने कहा कि वे नहीं चाहते कि उत्तरप्रदेश की सत्ता को भाजपा रिमोट
दांव पर है एग्जिट पोल की साख
दांव पर है एग्जिट पोल की साखजिस समय आप यह आलेख पढ़ रहे होंगे, उस समय एग्जिट पोल की हकीकत सामने आनी शुरू हो गई होगी। अगर एग्जिट पोल के नतीजे असल परिणामों के आसपास आए तो इनकी प्रशंसा भी जरूर होगी, लेकिन दिल्ली और बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव नतीजों की तरह एग्जिट पोल के अनुमान फिर फेल हो गए, तो समझिए कि इनसे जनता का भरोसा डिगने की शुरुआत भी इसी चुनाव से हो जाएगी। पिछले कुछ नतीजों से पहले चाणक्य के एग्जिट पोल ने सटीक अनुमान से अपनी साख बनाई थी।
गंभीर समस्या बन गया है ट्रैफिक जाम
गंभीर समस्या बन गया है ट्रैफिक जामअब देश के महानगरों में लगने वाला ट्रैफिक जाम इतनी बुरी हालात में पहुंच गया है कि इसे महामारी तक कहा जाने लगा है। इससे करोड़ों लोगों का रोजमर्रा का जीवन भी भारी मुश्किलों में पड़ने लगा है एवं इस ट्रैफिक जाम से लोगों को रोज कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकार ने ट्रैफिक कानून तो बहुत बनाए हैं, लेकिन इन पर अमल शायद ही होता है
चुनाव परिणामों का इंतजार करें
चुनाव परिणामों का इंतजार करेंयदि हम एबीपी न्यूज को छोड़ दें तो तकरीबन सभी समाचार चैनलों ने उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की जीत की ही संभावना अपने एक्जिट पोल में जता दी है। इंडिया टीवी-सी वोटर व एनडीटीवी ने बीजेपी को उत्तरप्रदेश में जीत के करीब दिखाया है। कमोबेश उत्तराखंड और गोवा में भी बीजेपी को लेकर एक्जिट पोल में ऐसी ही उम्मीद दिखाई गई है।
साईबाबा जैसों को सजा ही मिले
साईबाबा जैसों को सजा ही मिलेदिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जीएन साईबाबा और उनके पांच साथियों को माओवादियों की चोरी छिपे मदद करने के आरोप में गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) के सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। माओवादी संगठनों की विचारधारा से प्रभावित ऐसे बुद्धिजीवियों ने एक बार फिर से भारत जैसे लोकतांत्रिक देश के लोकतंत्र पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
मिलावट की मार से बेजार भारतवासी
मिलावट की मार से बेजार भारतवासीहोली का त्यौहार करीब आते ही मिलावट की खबरें फिर आने लगी हैं। हमारे देश में मिलावट कोई नया शब्द नहीं है। सालों से मिलावटखोरी चली आ रही है। मिलावट करके धन कमाया जाता है व घटिया सामग्री उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जाती है। मिलावटखोरी रोकने के शुरू से ही कई प्रयास किए जाते रहे हैं, लेकिन इस पर लगाम ही नहीं लगती।
लोकतंत्र के हमाम में सब निर्वस्त्र
लोकतंत्र के हमाम में सब निर्वस्त्रहमारे देश में जब भी कोई चुनाव होता है, तो चुनाव सुधार का मुद्दा भी उठ खड़ा होता है। इसलिए परंपरानुसार उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव से पूर्व भी चुनाव सुधार का मुद्दा चर्चा में रहा। लगभग सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव सुधार पर लंबी -लंबी दलीलें दीं। लेकिन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) ने इन चुनावों का जो पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है, उससे साफ हो गया है कि इस बार भी धनबल, बाहुबल व अपराधियों का बोलबाला रहा। यानी, लोकतंत्र के इस हमाम में सब निर्वस्त्र हैं।
रोकना ही पड़ेगा चरमपंथ का फैलाव
रोकना ही पड़ेगा चरमपंथ का फैलावजिस प्रकार दुनिया में कहीं कोई आतंकवादी हमला होता है, तो उसके तार पाकिस्तान से जरूर जुड़ते हैं, वहां के किसी न किसी संगठन की आतंकवादियों से मिलीभगत पायी ही जाती है, उसी तरह हमारे यहां जब कोई वारदात होती है तो या तो उसके पीछे पाकिस्तान ही होता है और अगर वह नहीं हुआ तो फिर उसके तार या तो हैदराबाद से जुड़ते हैं या पश्चिम बंगाल या फिर उत्तरप्रदेश से। कभी-कभी यह तार केरल से भी जा जुड़ते हैं और कश्मीर से भी।
बल्लेबाजी सुधारे भारतीय टीम
बल्लेबाजी सुधारे भारतीय टीमहमारी क्रिकेट टीम ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए दूसरे टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया को हराकर चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी तो कर ली है, पर यह भारत की जीत कम, आस्ट्रेलिया की हार ज्यादा है। मैच को सिलसिलेवार तरीके से समझें, तो सामने आता है कि आस्ट्रेलिया को चौथी पारी में 188 रनों का लक्ष्य मिला था और उसकी टीम कुल 112 रनों पर आउट हो गई
अपने दम पर आगे बढ़तीं महिलाएं
अपने दम पर आगे बढ़तीं महिलाएंभारतीय महिलाओं के सशक्तीकरण की बात करें, तो वे स्वयं को सिद्ध कर रही हैं, उनमें आगे बढ़ने का माद्दा भी है और सफलता के नए आयाम छूने का हौसला भी। हालिया वर्षो में विज्ञान व तकनीक की दुनिया से लेकर सिनेमा, राजनीति, खेल, सेना और न्यायपालिका तक में उनका दखल बढ़ा है। यह सच है कि रफ्तार थोड़ी कम है, पर इस बात को कम नहीं माना जा सकता कि उनके कदम बेहतरी की ओर ही बढ़ रहे हैं। वे दोहरी जिम्मेदारी निभाते हुए भी खुद को साबित कर रही हैं।
पाकिस्तान की सेहत पर नहीं पड़ेगा फर्क
पाकिस्तान की सेहत पर नहीं पड़ेगा फर्कभारत यात्रा पर आए पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) महमूद अली दुर्रानी ने कहा है कि 26 नवंबर-2008 को मुंबई में जो भीषण आतंकवादी हमले हुए थे, उनकी साजिश पाकिस्तान में रची गई थी। वैसे, उनकी समझ में जब आ गया कि वे अपने बयान के कारण उलझ सकते हैं, तो उन्होंने पाकिस्तान की सरकार, फौज और आईएसआई को पाक-साफ भी बता दिया, यह कहकर कि हमलों में इन सबका हाथ तो खैर नहीं था और जो किया, वह आतंकवादी संगठनों ने किया था।
राजनीतिक रसूख की करारी हार
राजनीतिक रसूख की करारी हाररेप के आरोप में फरार चल रहे उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री एवं अमेठी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार गायत्री प्रजापति को सुप्रीम कोर्ट ने कोई राहत न देकर सही काम किया है। गौरतलब है कि इस मंत्री समेत सात पर समाजवादी पार्टी की ही एक महिला कार्यकर्ता ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उस महिला का आरोप यह भी था
वाजिब नहीं रोड शो पर सवाल
वाजिब नहीं रोड शो पर सवालक्या सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद पर पहुंचने के बाद किसी नेता का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सामान्य मतदाता या राजनीतिज्ञ की तरह हिस्सा लेने का अधिकार खत्म हो जाता है? उत्तरप्रदेश चुनाव में जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, यह प्रश्न मौजूदा राजनीतिक विमर्श में शिद्दत से उछल रहा है। चुनाव मैदान में मोदी से दो-दो हाथ कर रहे
अवसाद का एक ही इलाज दोस्त बनाओ
अवसाद का एक ही इलाज दोस्त बनाओहमारे देश में अवसाद से जुड़े मामले बहुत तेजी से सामने आने लगे हैं। गौरतलब है कि हमारे यहां इस समय तकरीबन पांच करोड़ नागरिक अवसाद के शिकार हैं। अवसाद के फैलते इस दायरे से लगता है, जैसे अपनी चिंता के सामने दूसरों की चिंता पटल से गायब हो रही है। अध्ययन बताते हैं कि लोगों की निजी इच्छाओं और महत्वाकांक्षाओं का दायरा लगातार बढ़ने लगा है।
चकित कर रही है यह राजनीति
चकित कर रही है यह राजनीतिदेश यह देखकर चकित है कि उत्तरप्रदेश की सत्ता के तीन में से दो दावेदारों ने बनारस को अपने शक्ति प्रदर्शन के अखाड़े में तब्दील कर दिया है। वैसे, रविवार को वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव का रोड शो हुआ था, तो बहुजन समाजपार्टी की सुप्रीमो मायावती की रैली भी। इन तीनों ही कार्यक्रमों में उमड़ी भीड़ को देखकर यह अंदाजा लगाना कठिन था
घुटना मुड़कर पेट की तरफ गया
घुटना मुड़कर पेट की तरफ गयालग यह रहा था कि महाराष्ट्र में भाजपा व शिवसेना के बीच टकराव उस समय और बढ़ जाएगा, जब बृहन्मुंबई महानगर पालिका के महापौर का चुनाव होगा और उसमें भाजपा अपना प्रत्याशी भी उतार देगी। वस्तुत: चुनाव परिणाम आने के बाद से ही जहां भाजपा यह दावा कर रही थी कि महापौर उसी का होगा, तो शिवसेना यह कि वह अपना महापौर बनाकर मानेगी।
किसानों पर न्यायालय की चिंता वाजिब
किसानों पर न्यायालय की चिंता वाजिबदेश में किसानों की आत्महत्या को रोकने के लिए तीन हफ्ते में एक रोडमैप बने, यह सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार से कहा है। उसने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि किसानों की खुदकुशी का मुद्दा बेहद गंभीर है और घटना के बाद किसान-परिवारों को मुआवजा देना समस्या का असली समाधान नहीं है। किसान बैंकों से कर्ज लेते हैं
राष्ट्रपति की चिंता पर गौर करे देश
राष्ट्रपति की चिंता पर गौर करे देशदेश में बढ़ती वैचारिक असहिष्णुता के कारण राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी चिंतित हैं। कोच्चि (केरल) में बुधवार को उन्होंने आजादी, असहमति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति को लेकर जो भी कहा है, उसे पूरे देश को सुनना चाहिए। साफ है कि जब वे यह सब कह रहे थे, तब उनके जेहन में दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में चल रहा विवाद तो होगा ही
क्या बगदादी पस्त पड़ गया है?
क्या बगदादी पस्त पड़ गया है?खबर है कि इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बक्र अल बगदादी ने अपने लड़ाकों से कहा है कि वे मोसुल शहर छोड़कर भाग जाएं या फिर खुद को अल्लाह के रास्ते पर कुर्बान कर लें। इस राह पर कुर्बानी का मतलब यह है कि वे स्वयं को मार डालें यानी आत्महत्या कर लें। दुनिया के लिए यह राहत की खबर है कि बगदादी ने अब अपनी हार स्वीकार कर ली है।
सीबीएसई का निर्देश बच्चों के हित में
सीबीएसई का निर्देश बच्चों के हित मेंबच्चों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) ने निर्देश दिया है कि जो बच्चे घर से स्कूल तक स्कूल बस से जाते हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अब संबंधित स्कूल की होगी। लापरवाही करने पर स्कूल की मान्यता तक रद्द हो सकती है। यह निर्देश वास्तव में सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश के तारतम्य में दिया गया है।
महिला विरोधी है यह फैसला
महिला विरोधी है यह फैसलातेलंगाना सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया है, जो निहायत ही गलत है। उसने राज्य के सामाजिक कल्याण महिला आवासीय महाविद्यालयों में शादीशुदा महिलाओं का प्रवेश रोक दिया है। वर्ष-2017 की प्रवेश परीक्षा के लिए जारी की गई नियमावली में साफ तौर पर लिखा गया है कि केवल अविवाहित महिलाएं ही आवेदन करें।
राजनीति में गिरावट:दोषी कौन?
राजनीति में गिरावट:दोषी कौन?हालांकि, यह मान लेना सही नहीं है कि हमारे यहां चुनाव अभियानों में भाषा का स्तर बिलकुल गिर गया है। इससे भी सहमत होना कठिन है कि चुनाव पूरी तरह वास्तविक मुद्दों से विरक्त हो गया है। इसी तरह यह मानना भी गलत होगा कि चुनाव अभियान में भाषा का स्तर मर्यादाओं की सीमा के अंदर बना हुआ है
सही आर्थिक पैमाना नहीं विकास दर!
सही आर्थिक पैमाना नहीं विकास दर!केंद्रीय सांख्यिकी संगठन ने चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर-2016) के आंकड़े जारी किए, जिनमें अनुमान लगाया गया है कि इस अवधि में देश की विकास दर (जीडीपी) सात प्रतिशत रही है। अगर इस आंकड़े पर सवाल उठाया जा रहा है तो इसका कारण यह है कि नवंबर में सरकार ने नोटबंदी कर दी थी।
ट्रंप का संबोधन आशाजनक नहीं
ट्रंप का संबोधन आशाजनक नहींअमेरिकी कांग्रेस (संसद) के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बहुप्रतीक्षित भाषण हो गया। यह उनका पहला भाषण था, इसलिए दो कारणों से दुनिया का ध्यान उसकी तरफ खासतौर पर था।
प्रदेश के विकास को मिलेगी गति
प्रदेश के विकास को मिलेगी गतिखेल, राजनीति व सत्ता में अनुभव सदा लाभकारी होता है और इसकी पुष्टि कर दी है, प्रदेश की 13 साल की अनुभवी सरकार और उसके वित्तमंत्री जयंत मलैया ने जनहितैषी बजट प्रस्तुत करके।
रोमांच बढ़ाने लगा है उत्तरप्रदेश का चुनाव
रोमांच बढ़ाने लगा है उत्तरप्रदेश का चुनावउत्तरप्रदेश के मिजाज को समझ पाना इस समय जितना कठिन है, उतना इससे पहले शायद ही कभी रहा हो। अब तक का अनुभव यह है कि लोकसभा व विधानसभा के चुनाव में आमतौर
विषमता का एक पहलू यह भी
विषमता का एक पहलू यह भीवर्ष-1992 के बाद देश में आर्थिक विषमता बढ़ी है, गरीब तो और गरीब हुआ है, जबकि अमीर और भी अमीर। यह वह तीखा सच है, जिस पर देश-विदेश
बदलता नहीं दिख रहा बीजिंग
बदलता नहीं दिख रहा बीजिंगवैश्विक कूटनीति में आ रहे बदलावों और हितों के नए टकरावों को देखते हुए अब यह जरूरत महसूस होने लगी है कि भारत व चीन के बीच स्वस्थ और
विरोधी विचारों को तवज्जो दें छात्र संगठन
विरोधी विचारों को तवज्जो दें छात्र संगठनदिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के रामजस कॉलेज में एक ‘संगोष्ठी’ में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के विद्यार्थी उमर खालिद
देश के गद्दारों को कठोर दंड
देश के गद्दारों को कठोर दंडइंदौर की जिला अदालत ने प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन सिमी(इस्लामिक स्टूडेंट मूवमेंट ऑफ इंडिया)के सरगना सफदर नागौरी समेत11देशद्रोहियों
आईएस के निशाने पर है भारत
आईएस के निशाने पर है भारतखूंखार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट यानी आईएसआईएस के द्वारा खतरनाक हमलों से भारत को दहलाने की कोशिश को हमारी मुस्तैद सुरक्षा
नेताओं पर कार्रवाई से बचता है आयोग
नेताओं पर कार्रवाई से बचता है आयोगउत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण की वोटिंग के एक दिन पहले चुनाव आयोग ने एक बार फिर से सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से संयम बरतने
चौकस हैं हमारी सभी एजेंसियां
चौकस हैं हमारी सभी एजेंसियांइस्लामिक स्टेट के दो संदिग्ध फिर पकड़े गए हैं। वैसे तो इस आतंकी संगठन से जुड़े लोगों की अपने देश में पिछले दो-ढाई वर्षो में दो दर्जन से अधिक
ऐसे बयानों पर संतुलित प्रतिक्रिया दें
ऐसे बयानों पर संतुलित प्रतिक्रिया देंजम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के एक बयान ने सियासी भूचाल ला दिया है। बीते शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि कश्मीर में आतंकवादी बन रहे
आजाद से प्रेरणा लेता रहेगा आजाद भारत
आजाद से प्रेरणा लेता रहेगा आजाद भारतवतन के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले और उसे अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त कराने में अपना पूरा जीवन खपाने वाले क्रांतिकारियों की शहादत को याद
भारतीय पेशेवरों में दशहत लाजिमी
भारतीय पेशेवरों में दशहत लाजिमीअत्यंत सभ्य,लोकतांत्रिक एवं मानवाधिकारों के पैरोकार माने जाने वाले यूरोपीय देशों में रंग,नस्ल और धर्म आधारित भेदभाव की घटनाएं
चीन को आर्थिक मोर्चे पर जवाब दें
चीन को आर्थिक मोर्चे पर जवाब देंभारत के लिए पाकिस्तान बड़ी समस्या है या चीन,यह उसी तरह का सवाल है,जैसे यह पूछा जाए कि अमेरिका के लिए सबसे बड़ी समस्या उत्तर कोरिया है
मतदाताओं की समझ पर सवाल न उठाएं
मतदाताओं की समझ पर सवाल न उठाएंमहाराष्ट्र के नगर निकायों के चुनाव नतीजे भाजपा के पक्ष में गए हैं। इसके बाद से एक सवाल लगातार पूछा जा रहा है कि चुनाव आयोग को इन नतीजों
वोटर का इशारा समझें पार्टियां
वोटर का इशारा समझें पार्टियांबृहन्मुंबई महानगर पालिका(बीएमसी)समेत महाराष्ट्र के सभी नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने मतदाताओं के मनोभावों का स्पष्ट संकेत दे दिया है।
प्रकृति के अव्यक्त रूप हैं महादेव
प्रकृति के अव्यक्त रूप हैं महादेवसंपूर्ण संस्कृत वांग्मय में शिव साधु रूप में हैं। माया मोह से लगभग निर्लिप्त। शिवजी अपने शरीर पर जो वस्तुएं धारण किए हुए हैं,उनमें भी वैभव नहीं दिखता।
अखिलेश का तोड़ अभी से खोजे कांग्रेस
अखिलेश का तोड़ अभी से खोजे कांग्रेसउत्तरप्रदेश राजनीति की पहली पाठशाला है। कहा जाता है कि यहां की उर्वर सियासी जमीन से दिल्ली के सिंहासन का रास्ता तय होता है।
ट्रंप अपना रवैया शायद ही बदलेंगे....
ट्रंप अपना रवैया शायद ही बदलेंगे....भारत आए19सदस्यीय अमेरिकी सांसदों के दल के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एच-1बी वीजा से जुड़ी भारत की चिंता जताकर सही मौके पर
नगालैंड में संविधान की पराजय!...
नगालैंड में संविधान की पराजय!...आजादी के70साल बाद एक राज्य के मुख्यमंत्री को महिलाओं को कानूनी हक दिलवाने की कोशिश करने की वजह से पद छोड़ना पड़ा है।
सच बोलकर फंस गए ख्वाजा आसिफ..
सच बोलकर फंस गए ख्वाजा आसिफ..पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ बुरी तरह से घिर गए हैं। इसकी वजह यह है कि हाल ही में म्यूनिख (जर्मनी)में हुए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन
ख्वाजा की बात एकदम सही..
ख्वाजा की बात एकदम सही..पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक बार फिर चर्चा में हैं। अपने देश में तो वे अकसर चर्चा में रहते हैं, मगर दुनिया में उनकी चर्चा एक बार तो
बनी रहेगी इरोम की प्रासंगिकता...
बनी रहेगी इरोम की प्रासंगिकता...मणिपुर की लौह महिला के तौर पर विख्यात इरोम शर्मिला चानू ने इंफाल जिले की थोइबाल सीट से पर्चा दाखिल कर राजनीति की ही औपचारिक शुरुआत नहीं की है
उत्तरप्रदेश में ओछी बयानबाजी का दौर
उत्तरप्रदेश में ओछी बयानबाजी का दौरउत्तरप्रदेश में तीन चरण का मतदान हो चुका है और इस दौरान राजनीति के मिजाज में एक बुनियादी बदलाव देखा जा सकता है। चुनाव अभियान
निवेश में बढ़ोतरी राहतकारी संकेत..
निवेश में बढ़ोतरी राहतकारी संकेत..चालू वित्त वर्ष में विदेशी निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी बताती है कि अर्थव्यवस्था के सामने आगामी वित्त वर्ष के लिए जो खतरे बताए जा रहे हैं
भारतीय भाषाओं में एकता जरूरी
भारतीय भाषाओं में एकता जरूरीआज जब हम इस साल का भाषा दिवस मना रहे हैं, तब तक चार और राष्ट्रीय भाषाओं का दर्जा कम कर उन्हें स्थानीय भाषाओं में स्थानांतरित करने
देर से ही सही पर दुरुस्त आया पाकिस्तान
देर से ही सही पर दुरुस्त आया पाकिस्तानदुनियाभर में धार्मिक कट्टरपंथी देश माना जाने वाला पाकिस्तान अब हिंदुओं के लिए बदल रहा है। यह वही देश है,जहां पर मुसलमानों का एक
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