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रतलाम

श्रद्धालुओं ने ठंडा भोजन कर मनाई शीतला सप्तमी...

By Raj Express | Publish Date: 3/20/2017 3:52:11 PM
श्रद्धालुओं ने ठंडा भोजन कर मनाई शीतला सप्तमी...

जावरा। होलीका दहन के सातवे दिवस पर महिलाओं द्वारा रविवार 19 मार्च को शीतला सप्तमी(ठंडी सप्तमी)का पर्व धुमधाम से मनाते हुए नगर के अनेक स्थानों पर महिलाओं ने श्रृद्घा व भक्ति के साथ पूजा अर्चना की,जिसमें महिलाओं द्वारा एक दिन पूर्व ठंडा भोजन पूजा के लिए बनाया। सभी स्थानों पर रात 12 बजे बाद से शीतलामाता, गुणा बावजी एवं छोटी माता की पूजा अर्चना मेहंदी, हल्दी, कंकु एवं घरो में बनाए गए ठंडे भोज से माता की पूजा की। नगर में अलग-अलग स्थानों पर की गई पूजा में सबसे ज्यादा महिलाओं की भीड़ नरसिंहपुरा स्थित शीतलामाता मंदिर पर रही। पर्व के पूर्व संध्या पर विगत 43 वषों से चली आ रही प्रथा के अनुसार माता की महाआरती व अभिषेक नगर के ठाकुर परिवार से पूर्व गृहमंत्री भारतसिंह शीतलामाता समिति अध्यक्ष कालूराम हरा, उपाध्यक्ष अनिल दसेड़ा, सचिव विनोद जैन, कोषाध्यक्ष कैलाश बारोड़, शंकरलाल प्रजापत, व्यवस्थापक भुवानलाल कायस्त आदि सदस्यों की उपस्थिती में पंडित द्वारा मंगलवार रात्रि 8 बजे आरती व अभिषेक संपन्न करवाया। माता की आरती के उपरांत बाना डंडा का आयोजन भी सदस्यों की उपस्थिती में हुआ। 

रात्रि से ही उमड़ी लोगों की भीड़
रात्रि 11.30 बजे के पश्चात परम्परानुसार पूर्व गृह मंत्री की पत्नी श्रीमती निर्मलासिंह द्वारा प्रथम पूजा कर शुरूआत की गई। श्रीमती सिंह के बाद नगर की महिलाओं ने पूजा अर्चना प्रारंभ की। वैसे पूरे नगर में आस्था के साथ अनेक स्थानों पर महिलाओं द्वारा पूजा सम्पन्न की जिसमें प्रमुख चौपाटी क्षेत्र, मालीपुरा, स्टेशन रोड़, यादव मोहल्ला, मीनापुरा आदि थे। प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था का भी अच्छा इंतजाम था। सबसे पुराने स्थान बड़ी होली के पास नरसिंहपुरा में स्थित शीतलामाता मंदिर पर नगर की 70-75 प्रतिशत महिलाएं पूजा करती है जहॉ भीड़ का भारी जमावड़ा हो जाता है। पूजन के लिए महिलाओं को घंटो कतार में लगकर इंतजार करना पड़ता है। 
43 वषों से कर रहे परंपरा का निर्वाह
समिति के संरक्षक भारतसिंह ने बताया मैं शीतलामाता मंदिर के विगत 43 वर्षो से संरक्षक के रूप में पूजा अर्चना करता आ रहा हॅू। इसके पहले मेरी पूज्य माताजी प्रथम पूजा करती थी अब मेरी पत्नि प्रथम पूजा करती है। यह सिलसिला मेरे पूज्य दादा के समय से चला आ रहा है। पहले यहॉ सीमित साधनों व व्यवस्था से पूजा सम्पन्न होती थी,लेकिन आधुनिक युग में अब यहॉ लाईट डेकोरेशन साजो सामान व महिलाओं की पूजा के समय अत्यधिक भीड़ को देखते हुए विशेष बेरिकेट्स की व्यवस्था समिती द्वारा की जाती है जिससे शांतिपूर्ण तरीके से पुजा सम्पन्न हो सके।
..फिर दर्शन करने आते हैं पुरुष
माता की पूजा प्रात: 10 बजे तक चलती है उसके पश्चात शहर के पुरूष वर्ग दर्शन करने को बड़ी संख्या में आते है।  अंत में श्री सिंह ने कहा कि समिति के सभी सदस्य व अन्य श्रृद्घालु तन-मन-धन से पूजा के कार्य को सम्पन्न कराने में लगे रहते है। सभी हिन्दु घरों मे रविवार को सुबह से शाम तक एक दिन पहले बना खाना खाया जाता है।
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